मुजफ्फरनगर में रवींद्र कुमार ने पत्नी और ससुराल पक्ष पर धर्म परिवर्तन के दबाव, धमकी और दोनों बेटियों को साथ ले जाने का आरोप लगाया। एसएसपी से जांच और बेटियों की बरामदगी मांगी।
धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप, दो बेटियों को साथ ले जाने की शिकायत; एसएसपी से जांच की मांग
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के मिमलाना रोड निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस पर और उसके परिवार के सदस्यों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया तथा विरोध करने पर मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई। उसने अपनी दोनों बेटियों को पत्नी द्वारा अपने साथ ले जाने और घर से नकदी व जेवर ले जाने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता रवींद्र कुमार शनिवार को कई लोगों के साथ पुलिस कार्यालय पहुंचा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम शिकायती पत्र सौंपा। उसने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोनों बेटियों का पता लगाने तथा शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उपलब्ध रिपोर्टों में भी शिकायत और इन आरोपों का विवरण सामने आया है।
२०१७ में हुई थी शादी
रवींद्र कुमार के मुताबिक, उसकी शादी ८ दिसंबर २०१७ को गोल्डी के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया है कि शादी के बाद पत्नी के मायके पक्ष से जुड़े कुछ लोगों की ओर से उस पर और उसके परिवार के अन्य सदस्यों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जाने लगा।शिकायतकर्ता का दावा है कि ससुराल पक्ष के कुछ लोग पहले ही ईसाई धर्म अपना चुके हैं। हालांकि, यह शिकायतकर्ता का पक्ष है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के माध्यम से होना बाकी है।रवींद्र ने आरोप लगाया कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उसे दहेज के मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत में इन आरोपों को लेकर पुलिस से जांच की मांग की गई है।
१६ जुलाई को दोनों बेटियों को साथ ले जाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, १६ जुलाई को उसकी पत्नी दोनों बेटियों को अपने साथ लेकर चली गई। रवींद्र का आरोप है कि उसे इस बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई थी।
उसने यह भी दावा किया कि घर से सोने-चांदी के जेवर और करीब १५ हजार रुपये की नकदी भी ले जाई गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब उसने इस मामले का विरोध किया तो ससुराल पक्ष की ओर से कथित तौर पर बताया गया कि उसकी दोनों बेटियों को भी ईसाई धर्म स्वीकार करा दिया गया है। यह आरोप भी फिलहाल शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही इनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप
रवींद्र कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब उसने बेटियों को साथ ले जाने और कथित धर्म परिवर्तन को लेकर विरोध किया तथा शिकायत करने की बात कही, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।उसने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि धमकी देने के आरोपों की भी जांच की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत का भी दावा
शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने इससे पहले भी मामले को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल और संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेजी थी। उसका दावा है कि शिकायत के बाद उसे मामले में हुई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इसके बाद वह शनिवार को पुलिस कार्यालय पहुंचा और एसएसपी के नाम शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों में भी उसके पहले शिकायत किए जाने के दावे का उल्लेख है।
बेटियों की बरामदगी की मांग
शिकायतकर्ता ने पुलिस से दोनों बेटियों का पता लगाने और उन्हें बरामद कराने की मांग की है। इसके अलावा कथित तौर पर घर से ले जाए गए जेवर और नकदी के संबंध में भी जांच की मांग की गई है। रवींद्र ने पत्नी और उसके मायके पक्ष के लोगों पर लगाए गए धर्म परिवर्तन के दबाव और धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मामले में फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की ही जानकारी सामने आई है। पत्नी और उसके मायके पक्ष की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। इसलिए आरोपों को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।पुलिस की जांच में शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, दोनों बेटियों की स्थिति, कथित तौर पर ले जाए गए जेवर और नकदी तथा धर्म परिवर्तन और धमकी से जुड़े आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों पर क्या कानूनी कार्रवाई बनती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।