मंगलवार, 15 September 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
India

दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन चूक, एअर इंडिया के टॉप अधिकारी को MHA का समन

Harish Qureshi 2026-09-15 15:44:36
दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन चूक, एअर इंडिया के टॉप अधिकारी को MHA का समन

दिल्ली एयरपोर्ट पर 3 इतालवी यात्रियों के बिना जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए म्यूनिख जाने के मामले में MHA ने बैठक बुलाई है। एअर इंडिया से जवाब मांगा गया है।


नई दिल्ली | 15 सितंबर 2026

By Mohd Haris


दिल्ली एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल


दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन प्रक्रिया से जुड़ी गंभीर चूक के बाद गृह मंत्रालय ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। मामला 3 इतालवी यात्रियों का है, जो 4 सितंबर को अमृतसर से दिल्ली पहुंचे और जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए बिना लुफ्थांसा की म्यूनिख जाने वाली उड़ान में सवार हो गए।


मामले को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय पहले ही एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुका है। मंत्रालय ने एयरलाइन से इस घटना को लेकर जवाब मांगा है।


MHA ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक


गृह मंत्रालय की बैठक मंगलवार शाम 7 बजे कर्तव्य भवन में होने वाली है। इसकी अध्यक्षता गृह सचिव गोविंद मोहन करेंगे।


बैठक में गृह मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, एअर इंडिया और दिल्ली एयरपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होने की उम्मीद है। एअर इंडिया समूह के प्रमुख पी बालाजी और दिल्ली एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी बैठक में बुलाया गया है।


क्या हुआ था 4 सितंबर को


रिपोर्टों के अनुसार, 3 इतालवी यात्री अमृतसर से एअर इंडिया की उड़ान से दिल्ली पहुंचे थे। उन्हें अमृतसर में ही दिल्ली और म्यूनिख जाने वाली आगे की उड़ान के बोर्डिंग पास जारी किए गए थे।


दिल्ली पहुंचने के बाद यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर क्षेत्र की ओर भेज दिया गया। इसके बाद उन्होंने लुफ्थांसा की म्यूनिख जाने वाली उड़ान पकड़ी। इस प्रक्रिया में दिल्ली का अनिवार्य इमिग्रेशन चरण पूरा नहीं हुआ।


हब-एंड-स्पोक व्यवस्था पर भी सवाल


इस मामले में हब-एंड-स्पोक व्यवस्था भी जांच के केंद्र में है। इस मॉडल में छोटे या क्षेत्रीय हवाई अड्डों से यात्रियों को बड़े हब एयरपोर्ट तक लाकर वहां से आगे की उड़ान से जोड़ा जाता है।


लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अमृतसर से दिल्ली और दिल्ली से म्यूनिख वाली उड़ानों पर इस मामले में ऐसी व्यवस्था लागू नहीं थी, जिसके तहत यात्रियों को दिल्ली में इमिग्रेशन प्रक्रिया से छूट मिलती। इसलिए दिल्ली में इमिग्रेशन पूरा करना जरूरी था।


एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस


नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 12 सितंबर को एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मंत्रालय ने एयरलाइन से इस मामले में कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है और जवाब के लिए 7 दिन का समय दिया है।


नोटिस में अमृतसर से ही म्यूनिख की आगे की उड़ान का बोर्डिंग पास जारी किए जाने और यात्रियों की निगरानी तथा हैंडलिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।


एअर इंडिया ने अभी क्या कहा


उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार, एअर इंडिया ने मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। मंगलवार तक कारण बताओ नोटिस का जवाब दिए जाने की भी पुष्टि नहीं हुई थी।

इसलिए एयरलाइन की ओर से इस घटना की जिम्मेदारी या प्रक्रिया संबंधी चूक पर अंतिम पक्ष अभी सामने आना बाकी है।


सिर्फ एयरलाइन की जिम्मेदारी नहीं


दिल्ली एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की आवाजाही कई एजेंसियों के समन्वय से संचालित होती है। इमिग्रेशन, एयरपोर्ट संचालन, सुरक्षा और एयरलाइन हैंडलिंग अलग-अलग स्तरों पर काम करते हैं।


इसी वजह से गृह मंत्रालय की बैठक में केवल एअर इंडिया की भूमिका नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया की समीक्षा होने की संभावना है। सरकार यह समझना चाहती है कि यात्री बिना आवश्यक इमिग्रेशन जांच के अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान क्षेत्र तक कैसे पहुंचे।


बोर्डिंग प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी


रिपोर्टों के मुताबिक, इस घटना के बाद सरकार और विमानन क्षेत्र के अधिकारियों ने यात्रियों की पहचान और मार्ग को अधिक स्पष्ट बनाने के उपायों पर भी चर्चा की है।

इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्रियों के लिए अलग पहचान व्यवस्था, अलग उतरने के रास्ते और बोर्डिंग पास पर स्पष्ट निर्देश जैसे विकल्प शामिल हैं।


बोर्डिंग पास से जुड़ी नई व्यवस्था भी जांच में


एक रिपोर्ट के अनुसार, 1 सितंबर से अंतरराष्ट्रीय बोर्डिंग कार्ड पर इमिग्रेशन स्टांप की व्यवस्था में बदलाव भी इस मामले की पृष्ठभूमि का हिस्सा है। अधिकारियों ने इसे संभावित योगदानकारी कारकों में से एक बताया है।


हालांकि, इस बदलाव को घटना का एकमात्र कारण बताना अभी उचित नहीं होगा। वास्तविक जिम्मेदारी और प्रक्रिया संबंधी खामियां जांच के बाद स्पष्ट होंगी।


राष्ट्रीय सुरक्षा का पहलू


यह मामला केवल विमानन प्रक्रिया का नहीं है। किसी यात्री का जरूरी इमिग्रेशन सत्यापन के बिना भारत से अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ लेना सीमा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी संवेदनशील है।


इसी कारण गृह मंत्रालय ने मामले को गंभीरता से लिया है और गृह, नागरिक उड्डयन, इमिग्रेशन, खुफिया एजेंसियों, एयरलाइन तथा एयरपोर्ट प्रशासन को एक साथ बैठक में बुलाया है।


अब क्या होगा


बैठक में यह पता लगाने पर जोर रहेगा कि यात्रियों को किस स्तर पर गलत दिशा में भेजा गया और किस चरण पर इमिग्रेशन जांच छूटी।


इसके साथ यह भी देखा जाएगा कि हब-एंड-स्पोक व्यवस्था और घरेलू से अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर के लिए मौजूदा प्रोटोकॉल पर्याप्त हैं या उनमें बदलाव की जरूरत है।

एअर इंडिया के कारण बताओ नोटिस के जवाब के आधार पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय आगे की कार्रवाई पर फैसला लेगा।


निष्कर्ष


दिल्ली एयरपोर्ट पर 3 इतालवी यात्रियों के बिना जरूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए म्यूनिख रवाना होने का मामला अब केंद्र सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच गया है। गृह मंत्रालय की बैठक में एअर इंडिया के साथ कई संबंधित एजेंसियों की भूमिका और पूरी ट्रांजिट व्यवस्था की समीक्षा होगी।


मामले में अभी अंतिम जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। जांच और अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि चूक कहां हुई और उसे रोकने के लिए कौन से नए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर