दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव 2026 के नतीजे सामने आ गए हैं। केंद्रीय पैनल के चार प्रमुख पदों में से तीन पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर यश डबास निर्वाचित हुए हैं, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शौकीन ने जीता।
चुनाव के नतीजों के मुताबिक एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद अपने नाम किए। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया को केंद्रीय पैनल में कोई सीट नहीं मिली।
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास और एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला रहा। मतगणना के शुरुआती दौर में दोनों उम्मीदवारों के बीच बढ़त कई बार बदली, लेकिन अंतिम नतीजे में यश डबास अध्यक्ष पद पर विजयी रहे।
यश डबास की जीत के साथ एबीवीपी ने डूसू के सबसे प्रमुख पद पर अपना कब्जा बरकरार रखा।
सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छाबड़ी ने जीत दर्ज की। संयुक्त सचिव पद पर भी एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे।
इस तरह केंद्रीय पैनल के चार पदों में अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव एबीवीपी के खाते में गए। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की।
उपाध्यक्ष पद का नतीजा केंद्रीय पैनल में सबसे अलग रहा। निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शौकीन ने एबीवीपी और एनएसयूआई के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की।
इस नतीजे के बाद केंद्रीय पैनल में एक पद निर्दलीय उम्मीदवार के पास और तीन पद एबीवीपी के पास हैं।
डूसू चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर को हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस बार मतदान प्रतिशत 40.46 रहा, जो पिछले वर्ष के 39.5 प्रतिशत से अधिक था। मतदान दिल्ली यूनिवर्सिटी के 52 केंद्रों पर कराया गया।
मतगणना 19 सितंबर को विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई।
मतगणना के दौरान फर्जी आईडी से मतदान को लेकर राजनीतिक आरोप भी सामने आया। बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई से जुड़ी एक छात्रा को फर्जी आईडी के साथ मतदान करते हुए पकड़ा गया।
उन्होंने इस आरोप के आधार पर कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उपलब्ध रिपोर्ट में ये बातें बीजेपी नेता के आरोप के रूप में दर्ज हैं। इस आरोप की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली है। इसलिए इसे स्थापित तथ्य के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
डूसू चुनाव दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र प्रतिनिधित्व के सबसे प्रमुख चुनावों में शामिल है। इस चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव चार केंद्रीय पद होते हैं।
2026 के चुनाव में कुल 20 उम्मीदवारों ने इन चार केंद्रीय पदों के लिए चुनाव लड़ा। चुनाव प्रक्रिया के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई थी और मतगणना के दौरान पुलिस तथा सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
दिल्ली हाईकोर्ट ने परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए थे। यह प्रतिबंध विश्वविद्यालय परिसर, हॉस्टल और संबंधित सड़कों पर लागू किया गया था।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर काम करने की होगी। हॉस्टल, छात्र सुविधाएं, कैंपस सुरक्षा, शिक्षा संबंधी समस्याएं और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ संवाद जैसे मुद्दे डीयू छात्र राजनीति में लगातार महत्वपूर्ण रहे हैं।
डूसू 2026 का परिणाम फिलहाल चार केंद्रीय पदों के स्तर पर स्पष्ट है: अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव एबीवीपी के पास हैं, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय प्रत्याशी के पास है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।