फिलीपींस के पालावान में एमवी जून एस्टर फेरी आग की चपेट में आ गई। 5 लोगों की मौत, 42 लोगों को बचाया गया और 87 लोग लापता बताए गए हैं। राहत अभियान जारी है।
कोरोन, पालावान, फिलीपींस | 10 सितंबर 2026
फिलीपींस के पालावान प्रांत में बुधवार रात एक यात्री फेरी में भीषण आग लगने से कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई। हादसा कोरोन के नजदीक समुद्री इलाके में हुआ, जहां एमवी जून एस्टर मनीला से कोरोन की ओर जा रही थी। फिलीपीन कोस्ट गार्ड के मुताबिक राहत और तलाश अभियान जारी है और लापता लोगों की संख्या अभियान आगे बढ़ने के साथ बदल सकती है।
कोस्ट गार्ड के अनुसार जहाज के मैनिफेस्ट में कुल 134 लोगों का रिकॉर्ड था। इनमें 117 यात्री और 17 चालक दल के सदस्य शामिल थे। शुरुआती आधिकारिक जानकारी में 42 लोगों को बचाए जाने की बात कही गई है। 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर 87 लोग फिलहाल लापता बताए गए हैं।
बचाए गए लोगों में 38 यात्री और 4 चालक दल के सदस्य शामिल बताए गए हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह आंकड़े अभियान के दौरान बदल सकते हैं, क्योंकि सभी बचे लोगों से तत्काल विस्तृत जानकारी हासिल नहीं हो सकी थी।
फिलीपीन कोस्ट गार्ड के अनुसार आग बुधवार शाम फेरी के कोरोन के नजदीक पहुंचने के दौरान लगी। एक आधिकारिक विवरण में जहाज को तट से करीब 2.2 किलोमीटर दूर बताया गया है। कोस्ट गार्ड की ओर से जारी तस्वीरों और वीडियो में फेरी के बड़े हिस्से को आग की लपटों में घिरा हुआ देखा गया।
फेरी मनीला के बेसको इलाके से रवाना हुई थी और उसका गंतव्य कोरोन था। कोरोन पालावान का प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। हादसे के बाद स्थानीय बचाव इकाइयों, कोस्ट गार्ड और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त राहत अभियान शुरू किया।
आग लगने के बाद समुद्री क्षेत्र में खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया। कोस्ट गार्ड की अलग-अलग इकाइयों के साथ स्थानीय प्रशासन, अग्निशमन दल और आसपास मौजूद अन्य नौकाओं से भी सहायता ली गई। अधिकारियों का कहना है कि अभियान व्यवस्थित तरीके से जारी है।
समुद्री हालात ने राहत कार्य को मुश्किल बनाया है। जहाज आग की चपेट में आने के बाद समुद्री धाराओं और हवा के असर से अपनी शुरुआती स्थिति से दूर चला गया। इससे संभावित बचे लोगों की तलाश के लिए क्षेत्र का दायरा बढ़ गया।
इस हादसे में सबसे अहम तथ्य यह है कि राहत अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। फिलीपीन कोस्ट गार्ड ने खुद संकेत दिया है कि बचाए गए और लापता लोगों की संख्या आगे बदल सकती है। अलग-अलग समय पर जारी रिपोर्टों में बचाए गए लोगों की संख्या में भी अंतर सामने आया है।
रिपोर्ट में 43 लोगों के बचाए जाने की जानकारी दी गई, जबकि कोस्ट गार्ड के पहले के अपडेट में 42 लोगों को बचाने की बात कही गई थी। इसलिए मौजूदा आंकड़ों को अभियान के दौरान उपलब्ध स्थिति के तौर पर देखना जरूरी है, अंतिम आंकड़े के तौर पर नहीं।
फेरी में आग किस वजह से लगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। शुरुआती चरण में किसी खास तकनीकी खराबी, लापरवाही या अन्य वजह को जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगा।
आग की प्रकृति और जहाज के भीतर हालात को देखते हुए जांच में फेरी की सुरक्षा व्यवस्था, आग बुझाने के इंतजाम, यात्रियों की निकासी और चालक दल की आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे पहलुओं की समीक्षा महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल इन पहलुओं पर कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
फिलीपींस 7,000 से अधिक द्वीपों वाला देश है और यहां समुद्री परिवहन आम यातायात व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यात्री फेरी कई द्वीपों और शहरों को जोड़ती हैं। ऐसे में किसी बड़े समुद्री हादसे का असर केवल यात्रियों और उनके परिवारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समुद्री सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है।
फिलीपीन कोस्ट गार्ड के पास यात्री और फेरी जहाजों के लिए सुरक्षा प्रक्रियाएं मौजूद हैं। इनमें यात्रियों को लाइफ जैकेट, आपातकालीन प्रक्रिया और जहाज पर सुरक्षा उपायों की जानकारी देने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
फिलहाल प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और जीवित बचे लोगों को सुरक्षित निकालना है। इसके साथ मृतकों की पहचान, परिवारों को सूचना और हादसे के कारण की जांच आगे बढ़ेगी।
जांच पूरी होने के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि आग किस हिस्से से शुरू हुई, आपातकालीन प्रतिक्रिया कितनी प्रभावी रही और जहाज की सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
जब तक आधिकारिक जांच पूरी नहीं होती, हादसे की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष को अंतिम मानना उचित नहीं होगा। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि 5 लोगों की मौत हो चुकी है, दर्जनों लोग बचाए गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों की तलाश अभी जारी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।