बुधवार, 21 October 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
BREAKING
Advertisement Advertisement
World

पश्चिमी यमन में भीषण जंग, 90 की मौत के बाद बाब अल-मंदब पर बढ़ा तनाव

Harish Qureshi • 2026-09-05 13:27:22
पश्चिमी यमन में भीषण जंग, 90 की मौत के बाद बाब अल-मंदब पर बढ़ा तनाव

5 सितंबर को यमनी सरकारी विमानों द्वारा ताइज और अल-हुदैदाह प्रांतों में हूती ठिकानों के खिलाफ 15 हवाई हमले किए जाने की भी रिपोर्ट है। यह जुलाई में संघर्ष तेज होने के बाद यमनी सरकार की ओर से हवाई शक्ति के इस्तेमाल का पहला प्रमुख दर्ज घटनाक्रम बताया गया है।


ताइज, अल-हुदैदाह और बाब अल-मंदब | 5 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स

By Mohd Haris


पश्चिमी यमन में फिर भड़की जंग

पश्चिमी यमन में सरकारी बलों और हूती लड़ाकों के बीच जंग अचानक तेज हो गई है। ताइज और अल-हुदैदाह के मोर्चों पर हुई भीषण लड़ाई में कम से कम 90 लोगों के मारे जाने की खबर है। इनमें 40 सरकारी सैनिक और 50 हूती लड़ाके बताए गए हैं।

लड़ाई का सबसे गंभीर पहलू यह है कि संघर्ष ऐसे इलाके में बढ़ रहा है जो बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के बेहद करीब है। यह जलमार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है।

हूतियों का बड़ा जमीनी हमला

रिपोर्टों के मुताबिक हूती लड़ाकों ने पश्चिमी तट की तरफ बड़े पैमाने पर जमीनी हमला शुरू किया। होदेइदाह के लाल सागर तटीय मोर्चे पर लड़ाई के दौरान 14 सरकारी सैनिकों के मारे जाने की जानकारी सामने आई।

पड़ोसी ताइज प्रांत में गुरुवार से शुरू हुई लड़ाई शुक्रवार तक जारी रही। वहां 26 सरकारी सैनिकों के मारे जाने की जानकारी चिकित्सा अधिकारियों से मिली। हूती नियंत्रण वाले इलाकों के चिकित्सा सूत्रों ने होदेइदाह के अस्पतालों में 50 हूती लड़ाकों के शव पहुंचने की बात कही।

इन आंकड़ों को लेकर एक अहम सावधानी जरूरी है। दोनों पक्षों की स्वतंत्र और पूर्ण हताहत सूची उपलब्ध नहीं है। इसलिए 90 का आंकड़ा रिपोर्ट किए गए सैन्य नुकसान को दर्शाता है, इसे युद्ध में हुई कुल मौतों का अंतिम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

यमनी सरकार ने शुरू किए हवाई हमले

लड़ाई बढ़ने के बाद यमनी सरकारी विमानों ने हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए। यमनी सेना के मुताबिक ताइज और अल-हुदैदाह में कुल 15 हवाई हमले किए गए।

इन हमलों में हूती ठिकानों, लड़ाकों के जमावड़े और सैन्य वाहनों को निशाना बनाने की बात कही गई है। ताइज के हेस मोर्चे पर सरकारी जमीनी बलों को हवाई समर्थन भी दिया गया।

यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि जुलाई में संघर्ष दोबारा तेज होने के बाद सरकार की हवाई ताकत की सीधी भूमिका सीमित रही थी। अब हवाई हमलों के जुड़ने से जंग का दायरा और बढ़ सकता है।

असली लड़ाई बाब अल-मंदब की ऊंचाइयों के लिए

इस पूरे संघर्ष का सबसे अहम रणनीतिक पहलू बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य है।

हूतियों और सरकारी समर्थक बलों के बीच लड़ाई उन इलाकों में बढ़ रही है जहां से लाल सागर के प्रवेश मार्ग पर निगरानी और दबाव बनाया जा सकता है। ताइज के आसपास की ऊंची पहाड़ियां और मोखा के आसपास का इलाका इस लिहाज से महत्वपूर्ण है।

विश्लेषकों के मुताबिक हूती अगर बाब अल-मंदब के करीब ऊंचाई वाले इलाकों और प्रमुख तटीय क्षेत्रों पर पकड़ मजबूत करते हैं तो उन्हें सरकार और उसके क्षेत्रीय समर्थकों के खिलाफ बातचीत में रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।

मोखा और होदेइदाह क्यों अहम हैं

होदेइदाह यमन का महत्वपूर्ण लाल सागर बंदरगाह है और लंबे समय से हूती नियंत्रण में है। इसके उलट दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में मोखा जैसे इलाकों पर सरकार समर्थक ताकतों की मौजूदगी है।

इसी वजह से इन क्षेत्रों में नियंत्रण की लड़ाई केवल स्थानीय सैन्य टकराव नहीं है। इसका सीधा संबंध लाल सागर की समुद्री सुरक्षा और बाब अल-मंदब तक पहुंच से भी है।

संघर्ष की पुरानी जड़ें

यमन में संघर्ष 2014 के बाद बड़े संकट में बदल गया था, जब हूतियों ने राजधानी सना और देश के बड़े उत्तरी हिस्से पर नियंत्रण हासिल कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया।

वर्षों की जंग के बाद अप्रैल 2022 में एक नाजुक युद्धविराम ने कई मोर्चों पर हिंसा को काफी कम किया था। लेकिन हाल के महीनों में यह अपेक्षाकृत शांत स्थिति टूटती दिखाई दे रही है।

जुलाई के बाद बदला युद्ध का मिज़ाज

जुलाई से यमन के कई हिस्सों में लड़ाई फिर बढ़ी है। ताइज, मारिब, अल-जौफ और अल-दालेह समेत कई इलाकों में सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं।

हूतियों की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों की रिपोर्ट के साथ सरकारी बलों की ओर से ड्रोन, तोपखाने और अब हवाई हमलों का इस्तेमाल सामने आया है। इससे संकेत मिलता है कि संघर्ष एक बार फिर ज्यादा व्यापक सैन्य टकराव की तरफ बढ़ सकता है।

लाल सागर की जहाजरानी पर भी खतरा

बाब अल-मंदब दुनिया के प्रमुख समुद्री रास्तों में शामिल है। यहां अस्थिरता बढ़ने का असर केवल यमन तक सीमित नहीं रह सकता।

हूती गतिविधियों के कारण पहले भी लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं। मौजूदा लड़ाई अगर तटीय इलाकों और जलमार्गों के आसपास फैलती है तो जहाजरानी कंपनियों के लिए जोखिम और बढ़ सकता है।

यह स्थिति उस समय और संवेदनशील है जब पश्चिम एशिया के दूसरे हिस्सों में भी समुद्री व्यापार मार्ग दबाव में हैं।

दोनों पक्षों ने बढ़ाई सैन्य तैनाती

पश्चिमी मोर्चों पर दोनों पक्षों ने अतिरिक्त सैनिक, बख्तरबंद वाहन और सैन्य उपकरण भेजे हैं। इसका मतलब साफ है कि फिलहाल कोई पक्ष पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहा।

जमीन पर बढ़ती सैन्य तैनाती और आसमान से हो रहे हमलों का मेल संघर्ष को और घातक बना सकता है। खासकर उन इलाकों में जहां आबादी और सैन्य मोर्चे एक-दूसरे के करीब हैं।

मानवीय संकट का खतरा

यमन पहले से ही दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में शामिल रहा है। लंबे युद्ध ने देश की अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा को गहरा नुकसान पहुंचाया है।

अब अगर ताइज और लाल सागर तट पर लड़ाई लंबी चलती है तो स्थानीय आबादी पर विस्थापन, खाद्य आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं का दबाव बढ़ सकता है।

इसलिए मौजूदा संकट को केवल सैन्य नक्शे पर देखना अधूरा होगा। इसका असली असर आम यमनी परिवारों पर पड़ता है।

आगे क्या हो सकता है

अभी सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या लड़ाई बाब अल-मंदब के आसपास स्थायी मोर्चे में बदलती है।

अगर हूती रणनीतिक ऊंचाइयों और तटीय इलाकों में अपनी स्थिति मजबूत करते हैं तो सरकारी बलों और उनके क्षेत्रीय समर्थकों की प्रतिक्रिया और कड़ी हो सकती है। दूसरी तरफ अगर सरकारी बल हवाई हमलों और जमीनी दबाव को लगातार बढ़ाते हैं तो संघर्ष दूसरे इलाकों में भी फैल सकता है।

फिलहाल किसी व्यापक युद्धविराम की ठोस तस्वीर सामने नहीं है। इसलिए पश्चिमी यमन में अगले कुछ दिन बेहद अहम माने जाएंगे।

निष्कर्ष

पश्चिमी यमन में 90 लोगों की मौत के बाद संघर्ष एक नए और ज्यादा खतरनाक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। ताइज और अल-हुदैदाह की लड़ाई अब बाब अल-मंदब के रणनीतिक इलाके से जुड़ चुकी है।

सरकारी हवाई हमलों की शुरुआत ने तनाव को और बढ़ा दिया है। अगर जमीनी लड़ाई, ड्रोन और मिसाइल हमलों के साथ हवाई अभियान भी लगातार जारी रहा तो यमन में वर्षों बाद फिर बड़े पैमाने की जंग का खतरा बढ़ सकता है।

इस संघर्ष का असर यमन की सीमाओं से बाहर भी जा सकता है। वजह साफ है। बाब अल-मंदब केवल यमन का समुद्री रास्ता नहीं है। यह लाल सागर और वैश्विक जहाजरानी व्यवस्था की एक अहम कड़ी है।


वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

यमन में बढ़ती जंग के बीच ताइज में हमला, 7 की मौत; क्या सऊदी के साथ उतरेंगे तुर्की-पाकिस्तान?

2026-09-28 12:08:00

लाल सागर में जहाज़ पर हमला, 3 पाकिस्तानी नागरिकों की मौत

2026-08-12 12:15:27

म्यांमार के रखाइन में बाजार के पास हवाई हमला, 49 लोगों की मौत, 58 घायल

2026-09-29 12:07:51

यमन में बढ़ा तनाव, राष्ट्रपति अल-अलीमी ने जनता से सेना में शामिल होने की अपील की

2026-09-26 12:04:12

सऊदी अरब की ओर दागी गई 2 बैलिस्टिक मिसाइलें और 2 ड्रोन इंटरसेप्ट

2026-09-26 10:29:25

हूती कौन हैं, सऊदी अरब को क्यों बना रहे निशाना, मदद के लिए ब्रिटेन ने क्यों बढ़ाया हाथ?

2026-09-22 11:34:25

ईरान-अमेरिका तनाव फिर भड़का, अमेरिकी ठिकानों पर हमले का ईरानी दावा, होर्मुज़ विवाद से बढ़ा संकट

2026-06-27 07:15:17

युद्धविराम के कुछ घंटों बाद दक्षिणी लेबनान पर इजरायली हमले, 47 लोगों की मौत

2026-06-20 08:12:28

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर