लाल सागर में जहाज़ पर हमला, 3 पाकिस्तानी नागरिकों की मौत
हौथी हमले में 3 पाकिस्तानी मारे गए, 6 की मौत
बाब अल-मंदब में पोत पर हमला, पाकिस्तानी क्रू की मौत
लाल सागर के बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में मिस्र के स्वामित्व वाले मालवाहक पोत तिहामा पर हमले में तीन पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई क्रू सदस्य की मौत हुई। दो यमनी बचावकर्मी भी मारे गए। हौथियों ने हमले का दावा किया है, जबकि पोत की पहचान स्वतंत्र स्रोतों से की गई है।
लाल सागर के रणनीतिक बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में एक मालवाहक पोत पर हुए हमले में तीन पाकिस्तानी नागरिकों समेत छह लोगों की मौत हो गई। रॉयटर्स और एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्टों के मुताबिक मारे गए लोगों में पोत के चार क्रू सदस्य और दो यमनी बचावकर्मी शामिल हैं। चार क्रू सदस्यों में तीन पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक था।
हमले का निशाना मिस्र के स्वामित्व वाला मालवाहक पोत तिहामा बताया गया है। यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब लाल सागर और बाब अल-मंदब में वाणिज्यिक जहाज़ों की आवाजाही पहले से ही गंभीर सुरक्षा जोखिमों का सामना कर रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक हौथी बलों ने 11 अगस्त को बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में तिहामा को निशाना बनाया। हमले में चार क्रू सदस्यों की मौत हुई और दस अन्य लोग घायल हुए। बाद में बचाव अभियान के दौरान दो यमनी बचावकर्मी भी मारे गए।
एसोसिएटेड प्रेस ने भी छह मौतों की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक पोत पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया था और इस घटना को क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच लाल सागर में पहली घातक शिपिंग स्ट्राइक के तौर पर देखा जा रहा है।
इस हमले का पाकिस्तान के लिए सबसे गंभीर पहलू तीन पाकिस्तानी नागरिकों की मौत है। ये तीनों तिहामा के क्रू का हिस्सा थे। एक अन्य क्रू सदस्य इंडोनेशिया का नागरिक था।
पाकिस्तान पहले ही लाल सागर में अपने समुद्री हितों को लेकर कड़ा रुख जाहिर कर चुका है। जुलाई में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तानी झंडे वाले जहाज़ों या पाकिस्तानी समुद्री हितों पर कोई भी hostile act राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जाएगा।
इसलिए तीन पाकिस्तानी नागरिकों की मौत ने इस पुराने चेतावनी संदेश को नई सियासी और सुरक्षा अहमियत दे दी है।
रिपोर्टों के मुताबिक हौथियों ने एक जहाज़ को निशाना बनाने का दावा किया था और आरोप लगाया था कि वह सऊदी सैन्य सामान ले जा रहा था। हालांकि, शुरुआती हौथी बयान में पोत का नाम स्पष्ट तौर पर नहीं बताया गया था।
बाद में उपलब्ध विजुअल सबूत और शिप-ट्रैकिंग डेटा के आधार पर हमले में निशाना बनाए गए पोत की पहचान तिहामा के रूप में की गई।
यह अंतर महत्वपूर्ण है। हौथी दावा और स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य को एक ही स्तर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए।
बाब अल-मंदब लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच एक महत्वपूर्ण समुद्री chokepoint है। इसके जरिए यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के बीच बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक यातायात गुजरता है।
इस मार्ग में असुरक्षा बढ़ने का असर केवल जहाज़ों की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता। बीमा लागत, जहाज़ों के रूट, माल ढुलाई और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ता है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जुलाई में भी कहा था कि लाल सागर और बाब अल-मंदब से वैश्विक व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा गुजरता है और इस क्षेत्र में किसी भी हमले को गंभीरता से लिया जाएगा।
जुलाई में हौथियों की ओर से सऊदी अरब के वाणिज्यिक समुद्री यातायात के खिलाफ धमकी के बाद पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। इस्लामाबाद ने कहा था कि पाकिस्तानी commercial vessels या maritime interests पर किसी hostile act की स्थिति में पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत self-defence का अधिकार सुरक्षित रखता है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि लाल सागर और बाब अल-मंदब में किसी threat या attack की operational assessment पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां करेंगी।
अब तीन पाकिस्तानी नागरिकों की मौत के बाद यह सवाल अहम हो गया है कि इस्लामाबाद आगे अपनी समुद्री सुरक्षा नीति को किस तरह लागू करता है।
फिलहाल ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में पोत पर हमले के पीछे हौथियों का दावा और घटना की स्वतंत्र रिपोर्टिंग सामने आई है, लेकिन यह स्थापित नहीं हुआ है कि हमले का उद्देश्य विशेष रूप से पाकिस्तानी नागरिक थे।
इसलिए इसे “पाकिस्तान पर हमला” कहना अभी सटीक नहीं होगा। स्थापित तथ्य यह है कि एक अंतरराष्ट्रीय क्रू वाले वाणिज्यिक पोत पर हमला हुआ और उसमें तीन पाकिस्तानी नागरिक मारे गए।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब मध्य पूर्व में जारी युद्ध और क्षेत्रीय तनाव ने समुद्री व्यापार के कई महत्वपूर्ण रास्तों को प्रभावित किया है। रॉयटर्स के मुताबिक हालिया हौथी हमलों के बाद लाल सागर में शिपिंग ट्रैफिक पहले के स्तर से 50 प्रतिशत से अधिक कम हो चुका है।
जहाज़ों के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाने का मतलब लंबी यात्रा, ज्यादा ईंधन खर्च और बढ़ी हुई बीमा लागत है। इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है।
बाब अल-मंदब में नया घातक हमला इस जोखिम को और गहरा करता है।
हौथी आंदोलन ईरान के साथ गठजोड़ रखने वाला यमनी समूह है। हालिया संघर्ष में उसकी गतिविधियां लाल सागर और सऊदी अरब के समुद्री हितों के लिए बड़ा सुरक्षा मुद्दा बन गई हैं।
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार इस हमले ने 2022 की यमन ट्रूस के टूटने और यमनी संघर्ष के दोबारा तेज होने की आशंका भी बढ़ा दी है।
इसका असर पाकिस्तान पर भी पड़ता है क्योंकि पाकिस्तान के सऊदी अरब के साथ सुरक्षा और रणनीतिक संबंध हैं। जुलाई में इस्लामाबाद ने सऊदी समुद्री सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
फिलहाल उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी से पाकिस्तान की ओर से किसी तत्काल सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं होती।
जुलाई में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि समुद्री तैनाती और operational response से जुड़े फैसले संवेदनशील सुरक्षा मामलों का हिस्सा हैं।
इसलिए तीन पाकिस्तानी नागरिकों की मौत के बाद भी किसी संभावित सैन्य जवाब को पहले से तय मानना उचित नहीं होगा।
पाकिस्तान के सामने एक कठिन संतुलन है। उसे अपने नागरिकों और समुद्री हितों की सुरक्षा करनी है, लेकिन साथ ही क्षेत्रीय युद्ध में सीधे शामिल होने के जोखिम को भी नियंत्रित करना है।
लाल सागर और बाब अल-मंदब में लगातार हमले जहाज़ों को अफ्रीका के दक्षिणी छोर से लंबा वैकल्पिक रूट अपनाने के लिए मजबूर कर सकते हैं। इससे यात्रा समय और परिवहन लागत बढ़ती है।
अगर सुरक्षा संकट लंबे समय तक जारी रहा, तो इसका असर यूरोप-एशिया व्यापार, ऊर्जा परिवहन और consumer goods की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
इसलिए तिहामा पर हमला केवल एक जहाज़ पर हुई हिंसक घटना नहीं है। यह वैश्विक maritime security के सामने बढ़ते जोखिम का एक नया संकेत है।
अब सबसे अहम सवाल यह है कि पाकिस्तान अपने तीन नागरिकों की मौत पर क्या राजनयिक प्रतिक्रिया देता है और क्या वह लाल सागर में अपने commercial shipping interests की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाता है।
दूसरा सवाल हौथियों की आगे की रणनीति से जुड़ा है। अगर वाणिज्यिक पोतों पर हमले जारी रहते हैं, तो बाब अल-मंदब में जहाज़ों की आवाजाही और अधिक प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल स्थापित तथ्य यह है कि तिहामा पर हमले में छह लोगों की मौत हुई, जिनमें तीन पाकिस्तानी क्रू सदस्य शामिल थे। इस हमले ने लाल सागर की maritime security को लेकर पहले से मौजूद चिंताओं को और गंभीर कर दिया है।
लाल सागर के बाब अल-मंदब में तिहामा पर हुआ हमला पाकिस्तान के लिए गंभीर मानवीय और सुरक्षा घटनाक्रम है। तीन पाकिस्तानी नागरिकों की मौत ने इस घटना को इस्लामाबाद के लिए सीधे तौर पर महत्वपूर्ण बना दिया है।
पाकिस्तान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि उसके commercial vessels या maritime interests पर हमला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जाएगा।
लेकिन अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि पाकिस्तान इस हमले के जवाब में सैन्य कदम उठाएगा। फिलहाल सबसे अहम मुद्दा मृतकों की पहचान और स्वदेश वापसी, हमले की पूरी जांच और लाल सागर में पाकिस्तानी नागरिकों तथा जहाज़ों की सुरक्षा है।
यह घटना एक और संकेत है कि बाब अल-मंदब अब केवल एक व्यापारिक समुद्री मार्ग नहीं रहा। यह मध्य पूर्व के व्यापक संघर्ष का एक संवेदनशील सुरक्षा मोर्चा बन चुका है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।