हैदराबाद के होटल शादाब का FSSAI लाइसेंस निलंबित कर तत्काल कारोबार रोकने का निर्देश दिया गया। TG SAFE ने स्वच्छता, खाद्य भंडारण और हैंडलिंग में कई कमियां बताईं।
हैदराबाद, तेलंगाना | 3 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
हैदराबाद के मशहूर होटल शादाब पर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है।
तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फॉर फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स यानी TG SAFE ने मदिना सर्किल स्थित होटल शादाब का FSSAI लाइसेंस निलंबित कर
दिया है। अधिकारियों ने प्रबंधन को तत्काल कारोबार बंद करने का निर्देश भी दिया।
होटल शादाब हैदराबादी बिरयानी और मुगलई-पर्शियन व्यंजनों के लिए मशहूर है और चारमीनार क्षेत्र आने वाले लोगों के बीच इसकी खास पहचान रही है।
यह कार्रवाई किसी एक होटल तक सीमित नहीं थी।
TG SAFE की नौ संयुक्त टीमों ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ हैदराबाद के कोर अर्बन रीजन में 19 कैफे और स्नैक सेंटरों का निरीक्षण किया।
इस अभियान का मकसद खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और लाइसेंस संबंधी नियमों के अनुपालन की जांच करना था।
जांच में कई प्रतिष्ठानों पर अलग-अलग स्तर की कमियां सामने आईं।
दो कैफे को वैध FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण बंद कराया गया, जबकि होटल शादाब के लाइसेंस को निलंबित करते हुए संचालन रोकने का निर्देश दिया गया।
TG SAFE के मुताबिक होटल शादाब में स्वच्छता और सैनिटेशन से संबंधित कई उल्लंघन पाए गए।
अधिकारियों ने खाद्य तैयारी वाले क्षेत्रों में खुले कूड़ेदान और बिखरा हुआ कचरा मिलने की बात कही। कुछ फूड हैंडलर्स बिना जरूरी हेडगेयर के काम
करते मिले।
इसके अलावा मांस और दूसरे खाद्य पदार्थों के भंडारण तथा हैंडलिंग में भी कमियां दर्ज की गईं।
अधिकारियों ने कुछ प्रतिष्ठानों में हाउसफ्लाई और कॉकरोच की मौजूदगी की भी जानकारी दी। रिपोर्टों के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान
होटल शादाब समेत संबंधित प्रतिष्ठानों में की गई जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
फूड सेफ्टी सिर्फ रसोई की सफाई तक सीमित नहीं होती।
खाद्य प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य और प्रशिक्षण से जुड़े रिकॉर्ड भी रखने होते हैं।
TG SAFE के मुताबिक जांच के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इनमें फूड हैंडलर्स के स्वास्थ्य रिकॉर्ड, FoSTaC प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और पेस्ट-कंट्रोल रिकॉर्ड शामिल हैं।
इन दस्तावेजों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों की स्वास्थ्य स्थिति, खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण और परिसर में कीट नियंत्रण की व्यवस्था नियमित रूप से दर्ज और मॉनिटर की जा रही है।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने ऐसे खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट किया जिन्हें धूल या मक्खियों के संपर्क में पाया गया।
इसके अलावा चाय पाउडर, अदरक-लहसुन पेस्ट और बिस्किट समेत कुछ खाद्य पदार्थों को संदिग्ध मिलावट के शक में जब्त किया गया।
कुल 15 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जिन वस्तुओं के नमूने लिए गए हैं, उनके बारे में प्रयोगशाला रिपोर्ट आने से पहले उन्हें “मिलावटी” कहना सही नहीं
होगा। उपलब्ध जानकारी में उन्हें “संदिग्ध मिलावट” के आधार पर नमूना लिए जाने की बात कही गई है।
इस खबर में सबसे जरूरी तथ्यात्मक अंतर यही है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द हो चुका है।
निलंबन के दौरान प्रबंधन को कारोबार रोकने का निर्देश दिया गया है। आगे की कार्रवाई निरीक्षण रिपोर्ट, जवाब और अनुपालन की स्थिति के आधार पर तय की जा सकती है।
होटल शादाब को शो-कॉज नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी बताई गई है।
इसका मतलब प्रबंधन से उल्लंघनों पर जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद संबंधित प्राधिकरण उपलब्ध जवाब और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर
आगे की कार्रवाई तय करेगा।
इसलिए मौजूदा चरण को अंतिम दंड या स्थायी लाइसेंस रद्दीकरण के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी।
इसी अभियान में ड्रीम्ज कैफेटेरिया और एशियाटिक कैफे को वैध FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण बंद कराया गया।
इसके अलावा कई अन्य प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए हैं। इन प्रतिष्ठानों का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा और अनुपालन की स्थिति के आधार
पर आगे की कार्रवाई होगी।
इससे साफ है कि TG SAFE की कार्रवाई का दायरा केवल होटल शादाब तक सीमित नहीं था।
इस कार्रवाई का सबसे सीधा संबंध सार्वजनिक स्वास्थ्य से है।
रेस्तरां में खाना तैयार करने की जगह की सफाई, खाद्य पदार्थों का सही तापमान और भंडारण, कच्चे और तैयार भोजन की सुरक्षित हैंडलिंग,
कर्मचारियों की स्वच्छता और कीट नियंत्रण सभी खाद्य सुरक्षा के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
अगर इनमें लापरवाही होती है तो खाद्य पदार्थों के दूषित होने का जोखिम बढ़ सकता है।
हालांकि होटल शादाब के मामले में सामने आई कमियों के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि वहां परोसा गया हर भोजन असुरक्षित
था या हर ग्राहक प्रभावित हुआ। निरीक्षण में मिली कमियां और वास्तविक बीमारी के मामलों के बीच अलग से प्रमाण जरूरी होगा।
मौजूदा कार्रवाई स्थायी बंदी के बराबर नहीं है।
TG SAFE के मुताबिक कई प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के बाद दोबारा निरीक्षण का सामना करना होगा। शादाब होटल के मामले में भी आगे की कार्रवाई निरीक्षण रिपोर्ट और प्रबंधन के जवाब के आधार पर तय की जानी है।
इसलिए होटल के भविष्य को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा।
हैदराबाद जैसे बड़े शहर में हर दिन हजारों लोग रेस्तरां, कैफे और स्नैक सेंटरों में खाना खाते हैं।
खाद्य सुरक्षा नियम सिर्फ कागजी औपचारिकता नहीं हैं।
लाइसेंस, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, स्वास्थ्य रिकॉर्ड, पेस्ट कंट्रोल और साफ-सफाई की नियमित निगरानी उपभोक्ता सुरक्षा की बुनियादी व्यवस्था का
हिस्सा हैं।
होटल शादाब पर हुई कार्रवाई इस बात का भी संकेत है कि मशहूर नाम या पुरानी प्रतिष्ठा फूड सेफ्टी नियमों से ऊपर नहीं हो सकती।
हैदराबाद के मशहूर होटल शादाब का FSSAI लाइसेंस TG SAFE ने निलंबित किया है और प्रबंधन को तत्काल कारोबार रोकने का निर्देश दिया गया
है।
जांच में स्वच्छता और सैनिटेशन, खाद्य पदार्थों के भंडारण और हैंडलिंग, फूड हैंडलर्स के हेडगेयर तथा जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी कई कमियां मिलने
की बात कही गई है।
अभियान के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों को नष्ट किया गया और 15 नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
लेकिन एक तथ्य को स्पष्ट रखना जरूरी है: होटल का लाइसेंस फिलहाल निलंबित हुआ है, स्थायी रूप से रद्द होने की पुष्टि नहीं है।
आगे की कार्रवाई होटल प्रबंधन के जवाब, अनुपालन और पुनः निरीक्षण के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
यह मामला उपभोक्ताओं के लिए भी एक सीधा संदेश देता है: किसी रेस्तरां की लोकप्रियता उसकी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की गारंटी नहीं होती। निगरानी और नियमों का पालन हर खाद्य प्रतिष्ठान के लिए जरूरी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।