तेहरान में आयोजित 10 किलोमीटर रोड रेस में कई महिला प्रतिभागियों ने बिना सिर ढके दौड़ लगाई। ईरान में अनिवार्य हिजाब कानून जारी रहने के बावजूद यह दृश्य सार्वजनिक स्थान पर नियम की खुली अवहेलना के तौर पर देखा गया।
तेहरान, ईरान | 19 सितंबर 2026
By Mohd Haris
ईरान की राजधानी तेहरान में आयोजित 10 किलोमीटर रोड रेस की तस्वीरों और वीडियो ने देश के हिजाब कानून को लेकर फिर बहस छेड़ दी है। शुक्रवार को वेलायत पार्क में हुई इस दौड़ में कई महिलाएं बिना सिर ढके दौड़ती दिखाई दीं। ईरान में सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अब भी कानूनी तौर पर अनिवार्य है।
तेहरान 10K में महिलाओं की अलग दौड़
आयोजकों के मुताबिक तेहरान 10K दौड़ का आयोजन वेलायत पार्क में किया गया। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताएं रखी गई थीं। महिलाओं की दौड़ सुबह 5:30 बजे शुरू हुई और 10 किलोमीटर का रास्ता 2 चक्करों में पूरा किया गया।
दौड़ के दौरान सामने आए वीडियो में कई महिला प्रतिभागियों के बाल खुले दिखाई दिए। कुछ महिलाओं ने सामान्य खेल परिधान में हिस्सा लिया। इन तस्वीरों और वीडियो को ईरान के बाहर भी कई मीडिया संस्थानों ने प्रसारित किया।
हिजाब कानून अभी लागू
इस घटना का सबसे अहम पहलू यह है कि ईरान में अनिवार्य हिजाब से जुड़ा कानूनी ढांचा खत्म नहीं हुआ है। सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के सिर ढकने की शर्त अब भी लागू है और सरकारी कार्यालयों तथा कई आधिकारिक संस्थानों में इसका पालन कराया जाता है।
हालांकि हाल के वर्षों में तेहरान और दूसरे शहरों की सार्वजनिक जगहों पर बिना हिजाब महिलाओं की मौजूदगी पहले की तुलना में अधिक दिखाई दी है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, हिजाब नियमों के प्रवर्तन में कुछ जगहों पर नरमी आई है, जबकि कट्टरपंथी धड़े सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे हैं।
2022 के बाद बदला सामाजिक माहौल
ईरान में हिजाब को लेकर मौजूदा सामाजिक विवाद सितंबर 2022 में महसा अमीनी की हिरासत में मौत के बाद बड़े पैमाने पर सामने आया था। उनकी मौत के बाद देशभर में महिलाओं के अधिकार और अनिवार्य हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन हुए।
इन प्रदर्शनों के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने सार्वजनिक जगहों पर बिना हिजाब दिखाई देना शुरू किया। सरकार ने कई स्तरों पर कार्रवाई की, लेकिन हाल के वर्षों में बिना हिजाब महिलाओं की मौजूदगी ईरान के कई शहरी इलाकों में अधिक सामान्य दृश्य बन गई है।
तेहरान में उसी दिन दूसरा बड़ा आयोजन
इस दौड़ की तस्वीरें इसलिए भी चर्चा में आईं क्योंकि उसी दिन तेहरान में एक बड़ा सरकार समर्थित कार्यक्रम आयोजित किया गया था। ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक, दोनों आयोजनों का आपस में कोई संबंध नहीं था। फिर भी दोनों की तस्वीरें एक ही दिन राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से सामने आईं।
एक तरफ सरकारी समर्थन वाले कार्यक्रम में हिजाब पहने महिलाएं दिखाई दीं, दूसरी तरफ खेल आयोजन में बिना सिर ढके महिला धावकों की तस्वीरें सामने आईं। इन दोनों घटनाओं को ईरान में मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक माहौल की अलग-अलग तस्वीरों के तौर पर रिपोर्ट किया गया है।
राज्य समर्थित खातों ने भी वीडियो साझा किए
इस घटना का एक असामान्य पहलू यह रहा कि बिना हिजाब दौड़ती महिलाओं के वीडियो कुछ राज्य समर्थित सोशल मीडिया खातों से भी साझा किए गए। ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक, यह इसलिए ध्यान खींचने वाला था क्योंकि सार्वजनिक स्थानों पर बिना हिजाब दिखाई देना अभी भी कानून के तहत प्रतिबंधित है।
महिला धावक परिषा अरब ने जीती दौड़
दौड़ में ईरान की जानी-मानी दूरी की धावक परिषा अरब ने महिलाओं की प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। वह 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन में ईरान की राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं। दौड़ के बाद उन्होंने आयोजन के कुछ दृश्य और फिनिश लाइन पार करने का वीडियो भी साझा किया।
पहले किश द्वीप पर भी हुआ था विवाद
तेहरान की घटना से पहले दिसंबर 2025 में किश द्वीप पर आयोजित एक मैराथन के दौरान भी कुछ महिलाओं के बिना हिजाब दौड़ने की तस्वीरें सामने आई थीं। इसके बाद ईरानी अधिकारियों ने प्रतियोगिता के 2 आयोजकों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।
इस पृष्ठभूमि में तेहरान की दौड़ को लेकर यह सवाल अहम है कि इस बार आयोजकों और प्रतिभागियों के खिलाफ प्रशासन किस तरह की कार्रवाई करता है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसी किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
कानून और जमीनी हकीकत के बीच अंतर
ईरान में मौजूदा स्थिति को समझने के लिए कानून और जमीनी सामाजिक व्यवहार के बीच अंतर देखना जरूरी है। कानूनी तौर पर अनिवार्य हिजाब बना हुआ है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में कई महिलाएं इसका पालन नहीं कर रही हैं। इससे प्रशासन के सामने कानून लागू करने और सामाजिक तनाव को नियंत्रित रखने के बीच कठिन स्थिति बनी हुई है।
दौड़ की घटना इसी बड़े बदलाव का एक सार्वजनिक उदाहरण है। यह कहना अभी उचित नहीं होगा कि इससे सरकारी नीति में कोई औपचारिक बदलाव हो गया है। उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
आगे क्या होगा
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि ईरानी अधिकारी आयोजकों या प्रतिभागियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करते हैं या नहीं। पिछले किश मैराथन मामले में आयोजकों पर कार्रवाई हुई थी, इसलिए मौजूदा घटनाक्रम का प्रशासनिक जवाब महत्वपूर्ण रहेगा।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि तेहरान की इस दौड़ ने ईरान में हिजाब कानून और बदलते सामाजिक व्यवहार के बीच बढ़ते अंतर को फिर सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है। घटना को किसी आधिकारिक नीति परिवर्तन के बजाय मौजूदा सामाजिक तनाव और कानून की व्यावहारिक स्थिति के संदर्भ में देखना अधिक सटीक है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।