बच्चों के लिए कौन सा ड्राई फ्रूट है बेहतर?
बच्चों के खान-पान में ड्राई फ्रूट को अक्सर पौष्टिक भोजन का हिस्सा माना जाता है। बादाम, काजू और पिस्ता तीनों में वसा, प्रोटीन और दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसलिए केवल यह कहना कि इनमें से कोई एक ड्राई फ्रूट हर बच्चे के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है, वैज्ञानिक तौर पर सही नहीं होगा। बच्चे की उम्र, उसकी पूरी डाइट और किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी जैसी बातों को ध्यान में रखकर ड्राई फ्रूट का चुनाव करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। नट्स ऊर्जा से भरपूर होते हैं, इसलिए इन्हें संतुलित मात्रा में देना चाहिए।
बादाम क्यों हो सकता है अच्छा विकल्प?
बादाम बच्चों के आहार में शामिल किए जाने वाले लोकप्रिय नट्स में से एक है। इसे पीसकर या बारीक काटकर दलिया, दही या अन्य भोजन में मिलाया जा सकता है। बादाम में प्रोटीन और वसा सहित कई पोषक तत्व होते हैं। हालांकि इसे बच्चे की पूरी डाइट का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। बच्चे को फल, सब्जियां, अनाज, दालें और प्रोटीन के दूसरे स्रोत भी नियमित रूप से मिलते रहने चाहिए।छोटे बच्चों के मामले में बादाम को साबुत देने के बजाय उसकी बनावट को बच्चे की उम्र और चबाने की क्षमता के अनुसार बदलना जरूरी है।
काजू में क्या खास है?
काजू भी पोषक तत्वों से भरपूर नट है और बच्चों के संतुलित आहार में इसे शामिल किया जा सकता है। इसे बारीक पीसकर या भोजन में मिलाकर देना छोटे बच्चों के लिए ज्यादा सुरक्षित तरीका हो सकता है।काजू को मिठाई या बहुत अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों के रूप में देने के बजाय सादे रूप में या घर के सामान्य भोजन में सीमित मात्रा में शामिल करना बेहतर विकल्प है।
पिस्ता क्यों है खास?
पिस्ता भी नट्स की श्रेणी में आता है और इसमें प्रोटीन तथा वसा जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। बच्चों को पिस्ता देते समय नमकीन या अत्यधिक मसालेदार पैकेज्ड पिस्ते की जगह बिना अतिरिक्त नमक वाला विकल्प चुनना बेहतर है।बच्चों के लिए केवल ड्राई फ्रूट पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग पौष्टिक खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना अधिक महत्वपूर्ण है।
तो क्या बादाम, काजू और पिस्ता में कोई विजेता है?
अगर सवाल यह है कि बच्चों के लिए बादाम, काजू या पिस्ता में से कौन सबसे ज्यादा फायदेमंद है, तो इसका सीधा जवाब है—तीनों अपने-अपने तरीके से पौष्टिक हैं और किसी एक को सभी बच्चों के लिए सर्वश्रेष्ठ नहीं कहा जा सकता।इसलिए माता-पिता बच्चे की पसंद, उम्र, कुल आहार और संभावित एलर्जी को ध्यान में रखकर इनमें से उपयुक्त विकल्प चुन सकते हैं।
पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जरूरी सावधानी
यह हिस्सा बेहद महत्वपूर्ण है। छोटे बच्चों को साबुत बादाम, काजू, पिस्ता या अन्य साबुत नट्स नहीं देने चाहिए, क्योंकि इनके गले में अटकने और दम घुटने का खतरा रहता है। एनएचएस के अनुसार पांच साल से कम उम्र के बच्चों को साबुत नट्स नहीं देने चाहिए। इन्हें बारीक काटकर, पीसकर या उपयुक्त रूप में भोजन में मिलाया जा सकता है। अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र भी छोटे बच्चों में साबुत या बड़े टुकड़ों वाले नट्स को संभावित चोकिंग जोखिम वाले खाद्य पदार्थों में शामिल करता है और भोजन की बनावट तथा आकार को बच्चे के विकास के अनुरूप रखने की सलाह देता है।
ड्राई फ्रूट देते समय एलर्जी का भी रखें ध्यान
नट्स कुछ बच्चों में एलर्जी की प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं। इसलिए अगर बच्चे को पहले से किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी रही है या परिवार में गंभीर खाद्य एलर्जी का इतिहास है, तो नए नट को बच्चे के आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। नया खाद्य पदार्थ देने के बाद बच्चे में असामान्य प्रतिक्रिया दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
नमकीन और मीठे ड्राई फ्रूट से बचें
बच्चों के लिए ड्राई फ्रूट चुनते समय केवल नट का नाम देखना पर्याप्त नहीं है। बाजार में मिलने वाले कुछ उत्पादों में अतिरिक्त नमक, चीनी या दूसरी सामग्री हो सकती है। बच्चों के लिए सामान्यतः सादा और बिना अतिरिक्त नमक वाला विकल्प अधिक उपयुक्त रहता है। एनएचएस भी बच्चों के भोजन में अत्यधिक नमकीन खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह देता है।
ड्राई फ्रूट कैसे खिलाएं?
छोटे बच्चों को नट्स देने के लिए उन्हें बारीक पीसकर या उपयुक्त रूप में भोजन में मिलाया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर इन्हें दलिया, दही या बच्चे के दूसरे भोजन में शामिल किया जा सकता है। पांच साल से कम उम्र में साबुत नट्स से बचना जरूरी है। बच्चे को खाते समय बैठाकर खिलाना और भोजन के दौरान उस पर नजर रखना भी जरूरी है। सीडीसी बच्चों को खाते समय निगरानी में रखने और भोजन को उम्र के अनुरूप आकार व बनावट में देने की सलाह देता है।
निष्कर्ष
काजू, बादाम और पिस्ता—तीनों बच्चों के लिए संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं। इनमें से किसी एक को हर बच्चे के लिए सबसे बेहतर बताना उचित नहीं है। असल बात है उम्र के अनुसार सुरक्षित तरीके से, उचित मात्रा में और संतुलित आहार के साथ इन्हें देना।खासकर पांच साल से कम उम्र के बच्चों को साबुत नट्स देने से बचना चाहिए। अगर बच्चे को पहले से किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी है या नट्स को लेकर कोई आशंका है, तो डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सुरक्षित रास्ता है