खतौली में नालों पर अवैध कब्जे से जल निकासी और फसलों को नुकसान का मुद्दा उठाते हुए भाकियू लोक शक्ति ने प्रशासन को कार्रवाई की मांग की। समाधान न होने पर 22 सितंबर को रोड जाम की चेतावनी दी।
📍 खतौली, मुजफ्फरनगर
🗓️ 19 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui
खतौली में किसानों की जल निकासी और फसलों से जुड़ी समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति ने प्रशासन के सामने अपनी मांग दोहराई है। संगठन का आरोप है कि बुढ़ाना रोड के दोनों तरफ नालों पर किए गए अवैध कब्जों के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है और इसका असर किसानों की फसलों पर पड़ रहा है।
संगठन के जिला अध्यक्ष ठाकुर नीरज सिंह ने इस मामले को लेकर शनिवार को एसडीएम खतौली से मुलाकात की और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग रखी।
भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के मुताबिक, संगठन ने 10 सितंबर 2026 को एसडीएम खतौली को ज्ञापन सौंपा था। इसमें बुढ़ाना रोड के दोनों ओर स्थित नालों से कथित अवैध कब्जे हटाने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की गई थी।
ज्ञापन के जरिए प्रशासन के सामने किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी उठाया गया था। संगठन ने समस्या के समाधान के लिए प्रशासन को 7 दिन का समय दिया था।
संगठन के अनुसार, दी गई समय-सीमा 17 सितंबर 2026 को समाप्त हो गई। भाकियू लोक शक्ति का कहना है कि निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
कार्रवाई नहीं होने की बात को लेकर संगठन ने किसानों में रोष होने का दावा किया है। इसी सिलसिले में जिला अध्यक्ष ठाकुर नीरज सिंह ने एसडीएम से मुलाकात कर मामले को दोबारा प्रमुखता से उठाया।
भाकियू लोक शक्ति ने प्रशासन से बुढ़ाना रोड के दोनों तरफ नालों पर मौजूद कथित अवैध कब्जों को हटाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जल निकासी व्यवस्था सुचारु होने से खेतों में पानी भरने और फसलों को होने वाले नुकसान की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
संगठन ने किसानों के हित में प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखने की अपील की है।
संगठन के जिला अध्यक्ष ठाकुर नीरज सिंह ने कहा है कि यदि किसानों की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो 22 सितंबर 2026 को बुढ़ाना रोड पर रोड जाम कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
यह चेतावनी संगठन की ओर से प्रशासन को दी गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
मामले में अब प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। एक तरफ किसान संगठन नालों से कब्जे हटाने और जल निकासी व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहा है, वहीं प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान को लेकर उठाए जाने वाले कदम पर क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।
यदि प्रशासन और किसान संगठन के बीच समय रहते समाधान निकलता है तो प्रस्तावित आंदोलन टल सकता है। दूसरी ओर, संगठन ने अपनी मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में 22 सितंबर को धरना-प्रदर्शन और रोड जाम का ऐलान किया है।
जल निकासी से जुड़ी शिकायतें खेती के लिहाज से अहम होती हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां खेतों से पानी की निकासी प्रभावित होती है। इस मामले में किसान संगठन ने नालों पर कब्जे और फसलों के नुकसान को मुख्य मुद्दा बनाया है।
अब प्रशासन के स्तर पर स्थल निरीक्षण, नालों की वास्तविक स्थिति और जल निकासी से जुड़ी शिकायतों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी संगठन की ओर से रखे गए पक्ष पर आधारित है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।