चाइना मास्टर्स में लक्ष्य सेन को कनाडा के विक्टर लाई ने 21-14, 21-7 से हराकर पहले दौर में बाहर कर दिया। किदांबी श्रीकांत ने ची यू-जेन को हराकर अगले दौर में जगह बनाई।
शेनझेन, चीन | 2 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन के लिए चाइना मास्टर्स का सफर एक बार फिर शुरुआती दौर में ही खत्म हो गया। कनाडा के विश्व नंबर-9 खिलाड़ी विक्टर लाई ने उन्हें सीधे गेमों में 21-14, 21-7 से हराया। मुकाबला 38 मिनट में समाप्त हुआ।
लक्ष्य के लिए यह नतीजा इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि पिछले कुछ सप्ताह से उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। घरेलू विश्व चैंपियनशिप में भी वह शुरुआती दौर में बाहर हो गए थे। चाइना मास्टर्स में एक बार फिर उन्हें पहले ही मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
मुकाबले की शुरुआत भारतीय खिलाड़ी के लिए सकारात्मक रही। लक्ष्य ने पहले गेम में 4-0 की बढ़त हासिल की और शुरुआती रैलियों में आक्रामक खेल दिखाया।
लेकिन विक्टर लाई ने जल्द ही अपनी लय हासिल कर ली। कनाडाई खिलाड़ी ने मजबूत डिफेंस के साथ लक्ष्य के हमलों को रोकना शुरू किया और लंबी रैलियों में भारतीय खिलाड़ी को दबाव में रखा।
इसके बाद लक्ष्य लगातार अंक गंवाते गए। विक्टर ने पहला गेम अपने नियंत्रण में लिया और 21-14 से जीत दर्ज की।
दूसरे गेम में लक्ष्य की मुश्किलें और बढ़ गईं। विक्टर ने कोर्ट पर दबाव बनाए रखा और भारतीय खिलाड़ी को लगातार कठिन शॉट खेलने के लिए मजबूर किया।
लक्ष्य कई मौकों पर विक्टर की डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे। उनकी कुछ गलतियों का कनाडाई खिलाड़ी ने फायदा उठाया। खास तौर पर बैकहैंड साइडलाइन पर लक्ष्य से कई शॉट बाहर गए।
कोर्ट बदलने के बाद लक्ष्य 4-11 से पीछे हो गए। यहां से वापसी मुश्किल हो गई। विक्टर ने अपनी बढ़त बनाए रखी और दूसरा गेम 21-7 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह लक्ष्य सेन की विक्टर लाई के खिलाफ तीसरी हार है। दोनों खिलाड़ियों के बीच इस साल अब तक चार मुकाबले हुए हैं, जिनमें लक्ष्य को केवल एक बार जीत मिली है।
लक्ष्य ने विक्टर को मार्च में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में हराया था। उस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में 21-16, 18-21, 21-15 से जीत दर्ज की थी।
इसके बाद विक्टर ने लगातार मुकाबलों में बढ़त हासिल की। मौजूदा चाइना मास्टर्स मुकाबले में भी उन्होंने लक्ष्य को कोई मौका नहीं दिया।
विक्टर लाई इस समय विश्व बैडमिंटन के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह पिछले महीने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं।
उनका मजबूत डिफेंस और रैलियों को नियंत्रित करने की क्षमता लक्ष्य के खिलाफ मुकाबले में निर्णायक साबित हुई। लक्ष्य ने शुरुआत में बढ़त जरूर बनाई, लेकिन विक्टर ने जल्द ही मैच का रुख बदल दिया।
लक्ष्य की हार के बीच किदांबी श्रीकांत ने भारतीय खेमे को राहत दी। 2021 विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता श्रीकांत ने चीनी ताइपे के ची यू-जेन को सीधे गेमों में 21-16, 21-15 से हराया।
श्रीकांत ने शुरुआत से मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। उन्होंने रैलियों में धैर्य दिखाया और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल किए।
पहले गेम में श्रीकांत ने 21-16 से जीत दर्ज की। दूसरे गेम में भी उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और 21-15 से गेम जीतकर अगले दौर का टिकट हासिल किया।
भारत की मिश्रित युगल जोड़ी ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो ने भी अगले दौर में जगह बनाई।
भारतीय जोड़ी ने थाईलैंड के टोनाकोर्न साएहेंग और टोनिचा साएहेंग को 21-8, 21-9 से सीधे गेमों में हराया। मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से
दबदबा बनाए रखा और दोनों गेम आसानी से अपने नाम किए।
चाइना मास्टर्स में भारत की चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को भी मुकाबला खेलना है।
महिला एकल में तन्वी शर्मा और देविका सिहाग भी प्रतियोगिता में भारतीय चुनौती पेश कर रही हैं।
इसके अलावा कुछ अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने भी शुरुआती दौर में जीत दर्ज की है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार किदांबी श्रीकांत के साथ रौनक चौहान, सनीथ दयानंद, अनमोल खरब और अश्मिता चलिहा भी आगे बढ़े हैं।
लक्ष्य सेन के लिए लगातार शुरुआती दौर में बाहर होना चिंता का विषय है। खासकर तब, जब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रमुख पुरुष एकल खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।
हालांकि एक या दो टूर्नामेंट के नतीजे से किसी खिलाड़ी के पूरे करियर या फॉर्म का अंतिम आकलन करना उचित नहीं होगा। लेकिन विश्व चैंपियनशिप और चाइना मास्टर्स में लगातार शुरुआती हार यह जरूर दिखाती है कि लक्ष्य को अपनी लय और मैच नियंत्रण पर फिर काम करना होगा।
विक्टर लाई के खिलाफ मौजूदा मुकाबले में लक्ष्य ने शुरुआत अच्छी की, लेकिन विपक्षी खिलाड़ी के डिफेंस के सामने लगातार दबाव बनाए रखने में असफल रहे। यही मुकाबले का अहम मोड़ रहा।
चाइना मास्टर्स के इस चरण में भारत को मिला-जुला परिणाम मिला। लक्ष्य सेन जैसे प्रमुख खिलाड़ी का पहले दौर में बाहर होना निराशाजनक रहा, लेकिन श्रीकांत और मिश्रित युगल जोड़ी की जीत ने भारतीय अभियान को आगे बढ़ाया है।
अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें अगले दौर में श्रीकांत के प्रदर्शन और पुरुष युगल में सात्विक-चिराग की जोड़ी पर रहेंगी।
लक्ष्य के लिए चाइना मास्टर्स का सफर भले ही जल्दी खत्म हो गया हो, लेकिन उनके सामने अगले टूर्नामेंटों में वापसी का मौका रहेगा। फिलहाल इस हार ने उनकी हालिया फॉर्म को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।