आधी रात छात्रों से बोले पीएम मोदी,राहुल गांधी ने कहा,वीडियो नहीं जवाब चाहिए
Asif Khan
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2026-07-24 02:46:49
पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा एक्शन, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और नए कानून का ऐलान
पेपर लीक पर सियासी संग्राम तेज, संसद में नया बिल लाने की तैयारी
पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और नए कानून का भरोसा दिया। इसके बाद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। अब देश की नजरें कैबिनेट और संसद की अगली कार्रवाई पर हैं।
📍 नई दिल्ली, भारत
🗓️ 24 जुलाई 2026
✍️ Asif Khan
पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, राहुल गांधी का पलटवार, संसद में सख्त कानून की तैयारी
पेपर लीक पर सरकार का सख्त संदेश
देशभर में पेपर लीक को लेकर जारी विरोध और छात्रों की नाराज़गी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई साधारण अपराध नहीं है और इससे लाखों छात्रों तथा उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित होता है। सरकार का लक्ष्य केवल दोषियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना भी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संबंधित विभागों ने नए कानूनी प्रावधानों का मसौदा तैयार कर लिया है। प्रस्तावित व्यवस्था में फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए कठोर दंड शामिल हैं। सरकार का इरादा कैबिनेट की मंजूरी के बाद संसद में विधेयक पेश करने का है।
छात्रों को क्या भरोसा दिलाया गया
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाना थी। इसी उद्देश्य से कम समय में दोबारा परीक्षा कराई गई और परिणाम घोषित किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवस्था में स्थायी सुधार भी आवश्यक है।
राहुल गांधी का जवाब
प्रधानमंत्री के वीडियो के तुरंत बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और केवल वीडियो संदेश से समस्या का समाधान नहीं होगा। राहुल गांधी ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
सियासी और नीतिगत असर
सरकार का तर्क है कि नए कानून और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया से परीक्षा प्रणाली में भरोसा मजबूत होगा। दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि कानूनी बदलाव के साथ प्रशासनिक जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। यही मुद्दा आने वाले संसद सत्र में प्रमुख राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।
आगे क्या
अब निगाहें केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले और संसद में प्रस्तावित विधेयक पर रहेंगी। यदि नया कानून पारित होता है, तो पेपर लीक मामलों की जांच, अभियोजन और सजा की प्रक्रिया में बड़े बदलाव संभव हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कौन से संस्थागत सुधार लागू करती है।
वीडियो देखें
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।