ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में एक बड़े रिकॉर्ड के करीब पहुंच गए हैं। 433 विकेट के साथ वह कपिल देव और डेल स्टेन के आंकड़े को पीछे छोड़ सकते हैं। बांग्लादेश के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज उनके करियर में नया अध्याय जोड़ सकती है।
📍 Location: मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया
📰 Date: 06 अगस्त 2026
✍️ By Asif Khan
ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक खास मुकाम हासिल करने के करीब पहुंच गए हैं। बांग्लादेश के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में स्टार्क के पास भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव और दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन के टेस्ट विकेट रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का मौका होगा।
स्टार्क ने अब तक 105 टेस्ट मैचों में 433 विकेट हासिल किए हैं। वह कपिल देव के 434 विकेट से केवल एक विकेट पीछे हैं, जबकि डेल स्टेन के 439 विकेट के आंकड़े को पार करने के लिए उन्हें छह और विकेट की जरूरत है।
हालांकि स्टार्क रिकॉर्ड की दौड़ को लेकर ज्यादा उत्साहित नजर नहीं आ रहे हैं। उनका मानना है कि सक्रिय क्रिकेट करियर के दौरान व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा टीम का प्रदर्शन मायने रखता है।
36 वर्षीय स्टार्क आधुनिक टेस्ट क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में शामिल हैं। उन्होंने 2025 में शानदार प्रदर्शन किया और 11 टेस्ट मैचों में 55 विकेट हासिल किए।
एशेज सीरीज में उनका प्रदर्शन खास चर्चा में रहा। ऑस्ट्रेलिया की 4-1 की जीत में स्टार्क ने 31 विकेट लिए और तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई की।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों में उनसे ज्यादा टेस्ट विकेट केवल शेन वॉर्न, नाथन लियोन और ग्लेन मैक्ग्रा ने हासिल किए हैं। यह आंकड़ा स्टार्क की लंबी और सफल टेस्ट यात्रा को दर्शाता है।
कपिल देव का 434 टेस्ट विकेट का रिकॉर्ड कई वर्षों तक तेज गेंदबाजों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता रहा। उन्होंने 131 टेस्ट मैचों में यह मुकाम हासिल किया था।
वहीं डेल स्टेन ने अपनी रफ्तार, स्विंग और आक्रामक गेंदबाजी के दम पर 439 विकेट हासिल किए। दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज का नाम टेस्ट क्रिकेट के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिना जाता है।
स्टार्क का इन दोनों दिग्गजों के करीब पहुंचना उनकी निरंतरता और लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का संकेत है।
स्टार्क ने रिकॉर्ड के बारे में कहा कि ऐसी उपलब्धियां उनके लिए सम्मान की बात हैं, लेकिन खेलते समय वह इन आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते।
उनका फोकस मौजूदा मुकाबले और टीम की जरूरतों पर रहता है। स्टार्क के मुताबिक अच्छा या खराब प्रदर्शन बीत जाने के बाद खिलाड़ी को आगे बढ़ने पर ध्यान देना चाहिए।
ऑस्ट्रेलियाई टीम में कप्तान पैट कमिंस और कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड के नेतृत्व में प्रदर्शन संस्कृति को भी स्टार्क ने अपनी सफलता का अहम हिस्सा बताया है।
स्टार्क की सफलता केवल तेज रफ्तार पर निर्भर नहीं रही है। उम्र बढ़ने के साथ उन्होंने अपनी गेंदबाजी में तकनीकी बदलाव किए हैं।
डगमगाती सीम, लाइन-लेंथ में नियंत्रण और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलना उनकी गेंदबाजी की नई पहचान बनी है।
2022 के बाद से स्टार्क ने 41 टेस्ट मैचों में 164 विकेट लिए हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि अनुभव के साथ उनकी प्रभावशीलता कम नहीं हुई है।
स्टार्क दिल्ली कैपिटल्स के साथ आईपीएल कार्यकाल के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर थे। चोट के कारण वह टूर्नामेंट के शुरुआती हिस्से में नहीं खेल पाए थे।
अब वह 13 अगस्त से डार्विन में बांग्लादेश के खिलाफ शुरू होने वाले टेस्ट मुकाबले में वापसी के लिए तैयार हैं।
इस सीरीज में उनकी भूमिका ऑस्ट्रेलिया के लिए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि टीम तेज गेंदबाजी विभाग में उनके अनुभव पर निर्भर करेगी।
मिशेल स्टार्क के सामने व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाने का मौका जरूर है, लेकिन उनका क्रिकेट दर्शन अलग नजर आता है।
तेज गेंदबाजों के करियर में फिटनेस, निरंतरता और मानसिक मजबूती सबसे बड़ी चुनौती होती है। स्टार्क ने करीब 16 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में इन चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को शीर्ष स्तर पर बनाए रखा है।
कपिल देव और डेल स्टेन जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल होना स्टार्क की विरासत को मजबूत करेगा। लेकिन उनके लिए सबसे बड़ा लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया की जीत और टीम की सफलता बनी हुई है।
मिशेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में एक ऐतिहासिक पड़ाव के करीब हैं। कपिल देव और डेल स्टेन जैसे महान गेंदबाजों के रिकॉर्ड तक पहुंचना उनकी लंबी क्रिकेट यात्रा की बड़ी उपलब्धि होगी।
बांग्लादेश के खिलाफ आगामी सीरीज में उनकी गेंदबाजी पर दुनिया की नजर रहेगी। रिकॉर्ड बने या न बने, स्टार्क पहले ही आधुनिक टेस्ट क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में अपनी जगह बना चुके हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।