नेपाल पहुंची मुजफ्फरनगर की राहत सामग्री, अस्मिता भंडारी ने जताया आभार
मुजफ्फरनगर। नेपाल में २६ अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इसी बीच मुजफ्फरनगर से नेपाल के प्रभावित लोगों के लिए भेजी गई राहत सामग्री शुक्रवार को चार दिन के सफर के बाद काठमांडू पहुंची। यह सामग्री नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की पहल पर चलाए गए ‘नेपाल हेल्पिंग हैंड अभियान’ के तहत एकत्र की गई थी। काठमांडू के बनसबरी क्षेत्र में राहत सामग्री विश्व हिंदू महासंघ अंतर्राष्ट्रीय की अध्यक्ष अस्मिता भंडारी को सौंपी गई। भंडारी ने संकट की घड़ी में नेपाल के प्रभावित लोगों के लिए सहायता पहुंचाने पर मुजफ्फरनगर से गए दल और अभियान से जुड़े लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
चार दिन के सफर के बाद काठमांडू पहुंचा दल
राहत सामग्री से भरा वाहन १५ सितंबर की सुबह मुजफ्फरनगर के टाउनहाल से रवाना हुआ था। इसके साथ युवा भाजपा नेता विकल्प जैन, पूर्व सभासद आशुतोष गुप्ता, दिनेश जैन, विपिन जैन और मनीष चौहान सहित अन्य लोग नेपाल के लिए रवाना हुए।विकल्प जैन के मुताबिक, करीब चार दिन की यात्रा के बाद टीम शुक्रवार सुबह काठमांडू के बनसबरी पहुंची। यहां अस्मिता भंडारी और उनकी टीम की मौजूदगी में राहत सामग्री सौंपी गई।उन्होंने बताया कि नेपाल की सीमा तक राहत सामग्री पहुंचाने और आगे की आवश्यक व्यवस्थाओं में अस्मिता भंडारी तथा उनकी टीम का सहयोग मिला।
‘नेपाल हेल्पिंग हैंड अभियान’ के तहत जुटाई गई सामग्री
नेपाल में आपदा के बाद प्रभावित लोगों की मदद के लिए नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की पहल पर ‘नेपाल हेल्पिंग हैंड अभियान’ शुरू किया गया था। अभियान में नगरपालिका के सभासदों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ जनपद के उद्यमियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।अभियान के तहत जुटाई गई राहत सामग्री को वाहन के जरिए नेपाल भेजा गया। इसका उद्देश्य आपदा प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना था।नेपाल सरकार और मानवीय सहायता एजेंसियां भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत, खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय के ११ सितंबर के अपडेट के अनुसार, उस समय तक १३,६७६ लोगों को बचाया गया था और करीब ५,१३० लोग लापता थे। मंत्रालय ने यह भी कहा था कि राहत सामग्री और विशेष उपकरणों की जरूरत बनी हुई है।
अस्मिता भंडारी ने जताया आभार
काठमांडू पहुंचने पर अस्मिता भंडारी ने अपने कार्यालय में मुजफ्फरनगर से राहत सामग्री लेकर पहुंचे दल का स्वागत किया। उन्होंने नेपाल के आपदा प्रभावितों के लिए सहायता भेजने को मानवीय सहयोग का उदाहरण बताया।उनके अनुसार, नेपाल इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मुजफ्फरनगर से राहत सामग्री लेकर पहुंचे दल, नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और सहयोग करने वाले लोगों के प्रति आभार जताया।राहत सामग्री सौंपने के बाद भंडारी ने टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी किया।
आपदा के बाद लगातार जारी है राहत अभियान
नेपाल में २६ अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशूली नदी तंत्र में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। नेपाल के आधिकारिक आंकड़ों में समय के साथ मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव हुआ है, क्योंकि खोज, बरामदगी और पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने ११ सितंबर को बताया था कि १,३८५ शव बरामद किए जा चुके थे और करीब ५,१३० लोग लापता थे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि आंकड़े लगातार खोज एवं सत्यापन के साथ बदल सकते हैं। १५ सितंबर को रेडियो नेपाल ने राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के हवाले से बताया कि बरामद शवों की संख्या १,३९५ तक पहुंच गई थी और ५,१३० लोग अब भी लापता थे।इससे स्पष्ट है कि राहत और खोज अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ लापता लोगों की तलाश, शवों की पहचान और बुनियादी ढांचे को बहाल करने का काम भी जारी है।
राहत पहुंचाने में सामने आईं चुनौतियां
नेपाल के प्रभावित पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण राहत एवं बचाव कार्यों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से ड्रोन, पुल निर्माण सामग्री, डीएनए जांच किट और अन्य विशेष उपकरणों की भी मांग की है।
इसी वजह से मुजफ्फरनगर से राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचे दल के लिए भी लंबी दूरी तय करना और सामग्री को निर्धारित स्थान तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहा।विकल्प जैन ने कहा कि अस्मिता भंडारी और उनकी टीम के सहयोग से राहत सामग्री नेपाल तक पहुंचाने में मदद मिली। उन्होंने अभियान के तहत सौंपे गए दायित्व को पूरा करने और सामग्री को प्रभावित लोगों तक पहुंचाने पर संतोष व्यक्त किया।
नेपाल में अंतरराष्ट्रीय सहायता भी जारी
नेपाल की आपदा के बाद कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से राहत एवं बचाव में सहायता दी जा रही है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की सुरंग बचाव टीमें नेपाली सेना के साथ काम कर रही थीं। संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया और ऑस्ट्रेलिया की बचाव टीमें भी अभियान में सहयोग कर रही थीं।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय एजेंसियां भी प्रभावित परिवारों के लिए राहत पहुंचाने में जुटी हैं। यूनिसेफ ने सितंबर की शुरुआत में काठमांडू में ८४ मीट्रिक टन मानवीय राहत सामग्री पहुंचाए जाने की जानकारी दी थी, जिसमें बच्चों और परिवारों के लिए आवश्यक सामान शामिल था।
मानवीय सहयोग की कड़ी
मुजफ्फरनगर से भेजी गई राहत सामग्री स्थानीय स्तर पर चलाए गए अभियान के जरिए जुटाई गई और फिर सड़क मार्ग से नेपाल पहुंचाई गई। इस पहल में नगरपालिका से जुड़े लोगों के साथ व्यापारिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की भागीदारी रही।
नेपाल में राहत और पुनर्वास का काम अभी लंबा चलने की संभावना है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सहायता प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के प्रयासों का हिस्सा बन रही है। मुजफ्फरनगर से भेजी गई सामग्री का काठमांडू पहुंचना इसी मानवीय सहायता अभियान की एक कड़ी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।