नंदीग्राम पर कांग्रेस-TMC आमने-सामने, सीट छोड़ने के दावे पर सियासी संग्राम तेज
Mohammad Naved
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2026-09-16 12:03:21
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस ने दावा किया कि TMC ने उसे सीट छोड़ने की पेशकश की थी। तृणमूल ने इस दावे से इनकार किया है। दोनों दलों के बीच सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है।
📍 कोलकाता 🗓️ 16 सितंबर 2026 ✍️ Mohd Naved
नंदीग्राम को लेकर कांग्रेस-TMC में नया विवाद
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच सियासी तनातनी बढ़ गई है। कांग्रेस ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस की ओर से नंदीग्राम सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, TMC ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
इस विवाद ने पश्चिम बंगाल में संभावित विपक्षी तालमेल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। खास तौर पर नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर दोनों दलों के बीच सामने आए अलग-अलग दावे राजनीतिक तस्वीर को और पेचीदा बनाते हैं।
कांग्रेस का क्या दावा है
पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रवक्ता सुमन रॉय चौधरी ने दावा किया कि नंदीग्राम सीट को लेकर प्रस्ताव तृणमूल कांग्रेस की तरफ से आया था। उनके मुताबिक, जब TMC सत्ता में थी, तब बीजेपी के खिलाफ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना के बावजूद कांग्रेस के साथ इस तरह का प्रस्ताव नहीं रखा गया था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने भी इसी दावे का जिक्र किया। उनके अनुसार, कथित प्रस्ताव में TMC के रेजीनगर से चुनाव लड़ने और नंदीग्राम सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने की बात थी।
भट्टाचार्य के मुताबिक, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने इस मामले पर समय मांगा और बाद में प्रदेश नेताओं से चर्चा की। प्रदेश नेतृत्व ने फिलहाल गठबंधन को उचित नहीं माना।
TMC ने दावे से किया इनकार
कांग्रेस के दावे के विपरीत, तृणमूल कांग्रेस ने नंदीग्राम सीट छोड़ने की किसी पेशकश से इनकार किया है। इस तरह फिलहाल दोनों दलों के सामने एक ही घटनाक्रम के दो अलग-अलग दावे हैं।
इसलिए कथित सीट-समझौते को स्थापित तथ्य के तौर पर देखना उचित नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में कांग्रेस नेताओं के दावे दर्ज हैं, जबकि TMC की ओर से उनका खंडन सामने आया है।
उपचुनाव में कांग्रेस ने उतारा उम्मीदवार
नंदीग्राम सीट के लिए कांग्रेस ने मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफ़ी को मैदान में उतारा है।
कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद सीट छोड़ने के कथित प्रस्ताव की चर्चा और महत्वपूर्ण हो गई है। कांग्रेस अब दोनों सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में मौजूद है।
TMC के दोनों गुट आमने-सामने
इस उपचुनाव की सबसे अहम सियासी पेचीदगी TMC के भीतर जारी विभाजन है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
दूसरी ओर, रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी TMC गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउद्दीन शेख को उम्मीदवार घोषित किया है। दोनों गुट पार्टी के नाम, संगठनात्मक नियंत्रण और चुनाव चिन्ह को लेकर निर्वाचन आयोग के सामने अपनी-अपनी दावेदारी रख रहे हैं।
इस वजह से नंदीग्राम और रेजीनगर के उपचुनाव केवल सामान्य उपचुनावी मुकाबले तक सीमित नहीं हैं। यहां TMC के दोनों गुटों के बीच राजनीतिक वर्चस्व का सवाल भी जुड़ा हुआ है।
नंदीग्राम में BJP ने भी उतारा उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। रेजीनगर से पार्टी ने शाश्वर सरकार को टिकट दिया है।
नंदीग्राम में हसीरानी रथ का मुकाबला कांग्रेस, TMC और TMC के प्रतिद्वंद्वी गुट के उम्मीदवारों से होगा। इससे सीट पर बहुकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी हुई है।
उपचुनाव की तारीख तय
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है।
इन दोनों सीटों के नतीजे पश्चिम बंगाल की चुनावी सियासत में अलग-अलग दलों की संगठनात्मक स्थिति और रणनीति को समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
नंदीग्राम क्यों अहम है
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा और हाई-प्रोफाइल मुकाबला हुआ था।
2026 के विधानसभा चुनाव के बाद शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके कारण यहां उपचुनाव की स्थिति बनी। इसके बाद यह सीट एक बार फिर राज्य की सियासी गतिविधियों के केंद्र में आ गई है।
अब कांग्रेस और TMC के बीच सीट-तालमेल को लेकर सामने आए दावे ने चुनावी मुकाबले को एक नया राजनीतिक आयाम दिया है।
गठबंधन की संभावनाओं पर क्या असर
कांग्रेस और TMC दोनों राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति के व्यापक ढांचे से जुड़े रहे हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच चुनावी तालमेल हमेशा सहज नहीं रहा है।
2026 के विधानसभा चुनाव के बाद TMC में विभाजन और BJP के मजबूत राजनीतिक आधार के बीच विपक्षी दलों की रणनीति पर लगातार चर्चा हो रही है। जुलाई में ममता बनर्जी ने भी बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने की अपील की थी और INDIA गठबंधन के साथ मिलकर लड़ने की बात कही थी।
लेकिन नंदीग्राम उपचुनाव में फिलहाल कांग्रेस और TMC के बीच कोई घोषित सीट-समझौता सामने नहीं है। उलटे दोनों पक्षों के बीच कथित प्रस्ताव को लेकर सार्वजनिक बयानबाज़ी तेज है।
अब आगे क्या
16 सितंबर को नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नंदीग्राम और रेजीनगर में मुकाबले की अंतिम तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी। इसके बाद प्रचार अभियान में उम्मीदवारों, स्थानीय मुद्दों और दलों की संगठनात्मक ताकत पर फोकस बढ़ेगा।
नंदीग्राम में कांग्रेस और TMC के बीच कथित प्रस्ताव को लेकर जारी विवाद भी चुनावी बयानबाज़ी का हिस्सा बन सकता है। हालांकि, कथित प्रस्ताव की पुष्टि के लिए दोनों पक्षों के आधिकारिक दस्तावेज़ या स्पष्ट संयुक्त बयान सामने आना जरूरी होगा।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में कांग्रेस नेताओं का दावा और TMC का खंडन दोनों दर्ज हैं। इसलिए इस पूरे मामले को गठबंधन की पुष्टि के बजाय एक राजनीतिक विवाद के रूप में देखना अधिक तथ्यपरक है।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।