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उत्तर कोरिया के पास 120 परमाणु हथियार? सामने आया रियलिटी चेक

Shah Times 2026-08-21 16:40:11
उत्तर कोरिया के पास 120 परमाणु हथियार? सामने आया रियलिटी चेक

उत्तर कोरिया के पास कितने परमाणु हथियार? आंकड़ों में बड़ा फर्क

57 या 120? उत्तर कोरिया के परमाणु जखीरे पर नया दावा

ट्रंप के 57 दावों पर दक्षिण कोरिया का रियलिटी चेक


डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के पास 57 शक्तिशाली परमाणु हथियार होने की बात कही। इसके एक दिन बाद दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक ने 80 से 120 हथियारों का अनुमान बताया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा घरेलू रिसर्च संस्थानों के आकलन पर आधारित है और सैन्य जानकारी सार्वजनिक करना सीमित है।


सियोल/प्योंगयांग | 21 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स 

By Mohd Haris


उत्तर कोरिया के परमाणु जखीरे पर नया विवाद

उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों की संख्या को लेकर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के आकलन में बड़ा अंतर सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 57 शक्तिशाली परमाणु हथियारों की बात कही थी, जबकि दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक ने उत्तर कोरिया के पास करीब 80 से 120 परमाणु हथियार होने का अनुमान सामने रखा। यह अंतर ऐसे वक्त सामने आया है जब वॉशिंगटन और प्योंगयांग के बीच संभावित बातचीत की चर्चा फिर तेज हुई है। ट्रंप ने किम जोंग उन से इस साल दोबारा मुलाकात की इच्छा जताई है, वहीं उत्तर कोरिया ने अमेरिकी सैन्य नीति में बदलाव को पर्याप्त नहीं माना है।

57 से 120 तक कैसे पहुंचा आंकड़ा

ट्रंप ने 19 अगस्त को पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि किम जोंग उन के पास 57 बेहद शक्तिशाली परमाणु हथियार हैं। यह बयान इसलिए असामान्य था क्योंकि अमेरिका और दक्षिण कोरिया उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत खुफिया जानकारी सार्वजनिक तौर पर साझा नहीं करते। इसके अगले दिन दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक ने नेशनल असेंबली की रक्षा समिति के सामने कहा कि आम तौर पर उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों की संख्या 80 से 120 के बीच मानी जाती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इतनी सटीक संख्या सार्वजनिक रूप से बताना मुश्किल है। यानी 120 का आंकड़ा दक्षिण कोरियाई सेना द्वारा सार्वजनिक रूप से सत्यापित अंतिम संख्या नहीं है। मंत्री ने इसे घरेलू रिसर्च संस्थानों के आकलन के तौर पर पेश किया। यह अंतर समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि परमाणु हथियारों की वास्तविक संख्या बाहरी दुनिया के लिए सीधे उपलब्ध डेटा नहीं है।

SIPRI का अनुमान किसके करीब है

स्वीडन स्थित स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी एसआईपीआरआई ने जून 2026 में प्रकाशित अपने वार्षिक आकलन में कहा था कि जनवरी 2026 तक उत्तर कोरिया ने करीब 60 परमाणु वारहेड असेंबल किए होने की संभावना है। संस्थान ने यह भी अनुमान लगाया कि उत्तर कोरिया के पास मौजूद परमाणु सामग्री कम से कम 90 वारहेड बनाने के लिए पर्याप्त हो सकती है। इस लिहाज से ट्रंप का 57 का आंकड़ा एसआईपीआरआई के अनुमान के काफी करीब है। दूसरी तरफ दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री द्वारा बताया गया 80 से 120 का आंकड़ा व्यापक रेंज रखता है और ऊपरी सीमा एसआईपीआरआई के अनुमान से काफी ज्यादा है। इसलिए फिलहाल 120 को उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों की प्रमाणित संख्या मानना सही नहीं होगा। इसी तरह 57 को भी अंतिम और आधिकारिक संख्या कहना उचित नहीं है।

असली मुश्किल है गुप्त परमाणु कार्यक्रम

उत्तर कोरिया के परमाणु जखीरे का सही आकलन इसलिए कठिन है क्योंकि प्योंगयांग अपनी परमाणु सामग्री और हथियारों की पूरी सूची सार्वजनिक नहीं करता। बाहरी संस्थान आम तौर पर सैटेलाइट तस्वीरों, परमाणु प्रतिष्ठानों की गतिविधियों, प्लूटोनियम और संवर्धित यूरेनियम के अनुमान तथा पिछले परीक्षणों से उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल करते हैं। इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण अंतर होता है। परमाणु सामग्री की मात्रा से संभावित वारहेड की संख्या का अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन इससे यह जरूरी नहीं साबित होता कि उतने ही तैयार और तैनात परमाणु हथियार मौजूद हैं।

यही वजह है कि अलग-अलग रिसर्च संस्थानों के अनुमान अलग हो सकते हैं।

दक्षिण कोरिया ने खुद क्या साफ किया

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री के बयान में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 80 से 120 का आंकड़ा नहीं, बल्कि उसकी सीमा और स्रोत को लेकर दी गई सावधानी है। उन्होंने बताया कि यह अनुमान घरेलू रिसर्च संस्थानों के आकलन पर आधारित है और सैन्य अधिकारियों के पास मौजूद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से बताना सीमित है। दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी यह स्पष्ट किया कि 80 से 120 की संख्या रिसर्च संस्थानों के अनुमान से जुड़ी है। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि एसआईपीआरआई समेत कई संस्थानों के आकलन उत्तर कोरिया के पास 50 से 60 परमाणु हथियार होने की ओर इशारा करते हैं। इससे तस्वीर और पेचीदा हो जाती है। एक ही दक्षिण कोरियाई सरकारी तंत्र के भीतर अलग-अलग सार्वजनिक संदर्भों में अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं।

क्या ट्रंप का 57 वाला आंकड़ा गलत है?

इसे सीधे तौर पर गलत कहना भी उचित नहीं होगा। उपलब्ध सार्वजनिक आकलनों में करीब 50 से 60 असेंबल्ड परमाणु वारहेड की संख्या पहले से मौजूद रही है। एसआईपीआरआई का करीब 60 का अनुमान ट्रंप के 57 के आंकड़े के आसपास है। समस्या यह है कि ट्रंप ने 57 को ऐसे पेश किया जैसे यह उत्तर कोरिया के मौजूदा परमाणु हथियारों की एक निश्चित संख्या हो। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध अमेरिकी आधिकारिक दस्तावेज इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करते। 

120 का मतलब 120 तैनात बम नहीं

यह फर्क समझना बेहद जरूरी है। किसी देश के पास परमाणु हथियारों की अनुमानित संख्या और उसके पास मौजूद परमाणु सामग्री से संभावित हथियारों की क्षमता एक ही चीज नहीं होती। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री द्वारा बताई गई 80 से 120 की रेंज को सीधे तौर पर 120 तैनात परमाणु बम कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टिंग इसे एक अनुमान के रूप में पेश करती है, जिसकी सटीकता पर खुद दक्षिण कोरियाई अधिकारी ने सीमा बताई है। इसी तरह एसआईपीआरआई का 60 वारहेड का अनुमान भी एक ओपन-सोर्स असेसमेंट है, उत्तर कोरिया द्वारा जारी आधिकारिक सूची नहीं।

परमाणु क्षमता का दूसरा पहलू भी है

उत्तर कोरिया की न्यूक्लियर सिक्योरिटी को केवल वारहेड की संख्या से नहीं समझा जा सकता। मिसाइल तकनीक, डिलीवरी सिस्टम, परमाणु सामग्री का उत्पादन, हथियारों का संभावित मिनिएचराइजेशन और तैनाती क्षमता भी महत्वपूर्ण हैं। उत्तर कोरिया लगातार बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम आगे बढ़ा रहा है। 20 अगस्त को दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार उसने करीब 10 शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्र की ओर दागीं। यह घटनाक्रम ट्रंप की संभावित बातचीत की कोशिश और अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास में कटौती के बीच हुआ। इसलिए परमाणु वारहेड की संख्या को लेकर बहस के साथ-साथ डिलीवरी सिस्टम की क्षमता भी क्षेत्रीय सिक्योरिटी के लिए महत्वपूर्ण है।

ट्रंप-किम बातचीत की पृष्ठभूमि

परमाणु आंकड़ों का यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब ट्रंप फिर किम जोंग उन से मुलाकात की इच्छा जता रहे हैं। ट्रंप ने कहा है कि वह इस साल उत्तर कोरियाई नेता से दोबारा मिलना चाहते हैं। लेकिन प्योंगयांग ने अमेरिकी सैन्य अभ्यास में कटौती को पर्याप्त कदम नहीं माना। किम यो-जोंग ने कहा कि अभ्यासों की अवधि या पैमाने में बदलाव से उत्तर कोरिया की मूल आपत्ति खत्म नहीं होती। इसके साथ उत्तर कोरिया ने हाल में मिसाइल परीक्षण भी किए हैं। यानी एक तरफ डिप्लोमेसी की संभावित वापसी की चर्चा है, दूसरी तरफ सैन्य दबाव और परमाणु क्षमता का प्रदर्शन जारी है।

क्या उत्तर कोरिया को परमाणु ताकत के रूप में मान्यता मिल रही है?

दक्षिण कोरिया अभी भी उत्तर कोरिया को आधिकारिक तौर पर परमाणु हथियार संपन्न राज्य के रूप में मान्यता देने की नीति नहीं अपना रहा है। रक्षा मंत्री ने भी स्पष्ट किया कि परमाणु क्षमता के आकलन और औपचारिक मान्यता के बीच अंतर है। यह फर्क अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में अहम है। किसी देश के पास परमाणु हथियार होने का आकलन और उसे वैध परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र के तौर पर स्वीकार करना दो अलग राजनीतिक और कानूनी प्रक्रियाएं हैं। उत्तर कोरिया चाहता है कि उसकी परमाणु स्थिति को बातचीत में एक वास्तविकता के तौर पर स्वीकार किया जाए। अमेरिका और उसके सहयोगी लंबे समय से कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण को लक्ष्य बताते रहे हैं।

असली रियलिटी चेक क्या है

उत्तर कोरिया के पास 57, 80 या 120 परमाणु हथियार होने की बहस में सबसे अहम बात यह है कि किसी भी संख्या को पूर्ण सत्य मानने से बचना होगा। उपलब्ध स्वतंत्र आकलन लगभग 50 से 60 असेंबल्ड वारहेड की दिशा में संकेत देते हैं, जबकि दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री ने व्यापक 80 से 120 का अनुमान बताया है। इसके साथ यह भी माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया के पास भविष्य में और वारहेड बनाने के लिए पर्याप्त परमाणु सामग्री हो सकती है। यही कारण है कि केवल मौजूदा वारहेड की गिनती से प्योंगयांग की पूरी न्यूक्लियर क्षमता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

इस मामले में “120 एटम बम” जैसी हेडलाइन आकर्षक जरूर है, लेकिन संपादकीय तौर पर इसे “दक्षिण कोरिया का अनुमान” बताना ज्यादा सटीक है।

आगे क्या होगा

परमाणु हथियारों की संख्या को लेकर सार्वजनिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है। खासकर तब, जब ट्रंप और किम के बीच संभावित नई बैठक की चर्चा चल रही है और उत्तर कोरिया अपनी न्यूक्लियर क्षमता को बातचीत में प्रमुख रणनीतिक कार्ड की तरह इस्तेमाल कर रहा है।

अगर अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच फिर बातचीत शुरू होती है, तो परमाणु हथियारों की संख्या, परमाणु सामग्री का उत्पादन और मिसाइल कार्यक्रम सबसे संवेदनशील मुद्दों में शामिल होंगे। किसी भी समझौते के लिए पहले यह तय करना जरूरी होगा कि दोनों पक्ष उत्तर कोरिया की मौजूदा क्षमता को किस तरह परिभाषित और सत्यापित करेंगे। फिलहाल उपलब्ध तथ्य यह बताते हैं कि 57 का आंकड़ा एक अमेरिकी राष्ट्रपति के सार्वजनिक बयान से आया है, जबकि 80 से 120 दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री द्वारा रिसर्च संस्थानों के अनुमान के तौर पर बताया गया है। दोनों में से किसी संख्या को स्वतंत्र रूप से सत्यापित अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता।

निष्कर्ष

उत्तर कोरिया के परमाणु जखीरे पर मौजूदा बहस में सबसे बड़ा सवाल संख्या नहीं, बल्कि उस संख्या की विश्वसनीयता है। ट्रंप का 57 का दावा एसआईपीआरआई के करीब 60 वारहेड के अनुमान से मेल खाता है, जबकि दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री ने 80 से 120 की व्यापक रेंज बताई है।

इसलिए अभी “उत्तर कोरिया के पास 120 एटम बम हैं” को स्थापित तथ्य कहना सही नहीं होगा। ज्यादा सटीक निष्कर्ष यह है कि प्योंगयांग के परमाणु जखीरे का सार्वजनिक आकलन अलग-अलग स्रोतों में अलग है, लेकिन उसकी परमाणु क्षमता लगातार क्षेत्रीय सिक्योरिटी और अमेरिका-उत्तर कोरिया डिप्लोमेसी का केंद्रीय मुद्दा बनी हुई है।

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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