📍 कोहाट, खैबर पख्तूनख्वा, पाकिस्तान
🗓️ 18 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui
जुमे की नमाज के दौरान धमाका
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट में जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद के पास जोरदार धमाका हुआ। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इस घटना में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए गए हैं। राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल भेजा गया।
घटना पुराने पुलिस लाइन इलाके के पास हुई। स्थानीय पुलिस और राहत अधिकारियों के मुताबिक धमाके से मस्जिद के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा और आसपास के इलाके में भी क्षति की खबर है।
अस्पताल में इमरजेंसी लागू
धमाके के बाद घायलों को कोहाट के जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल प्रशासन ने बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने के बाद इमरजेंसी व्यवस्था सक्रिय की।
राहत दलों ने घटनास्थल पर तलाशी और बचाव अभियान शुरू किया। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और आवाजाही पर भी पाबंदी लगाई गई।
मृतकों और घायलों की संख्या में अंतर
इस घटना में हताहतों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अंतर सामने आया है। कुछ रिपोर्टों में 15 लोगों की मौत और 50 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है, जबकि दूसरी रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 16 तक बताई गई है।
इस वजह से अंतिम सरकारी आंकड़े आने तक संख्या को प्रारंभिक मानना जरूरी है। राहत अभियान और घायलों के उपचार के दौरान आंकड़ों में बदलाव की संभावना बनी हुई है।
धमाके की प्रकृति की जांच
स्थानीय अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्टों में धमाके के पीछे संभावित आत्मघाती हमले की आशंका का जिक्र हुआ है, लेकिन घटना की अंतिम प्रकृति और हमलावर की पहचान की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी लेने की घोषणा नहीं की है। इसलिए किसी संगठन को जिम्मेदार ठहराना इस चरण में उचित नहीं होगा।
खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा चुनौती
खैबर पख्तूनख्वा लंबे समय से आतंकी हिंसा और सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावित रहा है। अफगानिस्तान की सीमा से लगे इस इलाके में सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित संगठनों के बीच कई बार मुठभेड़ और हमले हुए हैं।
कोहाट में हुआ यह धमाका ऐसे समय सामने आया है जब प्रांत में सुरक्षा बलों की आतंकवाद विरोधी गतिविधियां भी जारी हैं। हालिया सुरक्षा अभियानों को लेकर पाकिस्तानी सेना के मीडिया प्रकोष्ठ ने अलग-अलग अभियानों में आतंकियों के मारे जाने और सुरक्षा कर्मियों की मौत की जानकारी दी है।
मस्जिदों पर हमलों का पुराना सिलसिला
पाकिस्तान में धार्मिक स्थलों को पहले भी हिंसा का निशाना बनाया गया है। खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में वर्ष 2023 में एक मस्जिद के भीतर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में नमाजियों की मौत हुई थी।
ऐसी घटनाओं में आम नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों दोनों की सुरक्षा चुनौती सामने आती है। पुलिस परिसरों या सुरक्षा प्रतिष्ठानों के नजदीक स्थित धार्मिक स्थलों में खतरे का आकलन इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि वहां नमाज के वक्त बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं।
अब आगे क्या
कोहाट धमाके की जांच में सुरक्षा एजेंसियां विस्फोट के तरीके, हमलावरों की पहचान, संभावित नेटवर्क और घटना के पीछे की मंशा की पड़ताल करेंगी। घटनास्थल से मिले सबूत और सुरक्षा कैमरों की फुटेज जांच का अहम हिस्सा बन सकते हैं।
फिलहाल सबसे जरूरी प्राथमिकता घायलों का इलाज और इलाके की सुरक्षा है। मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या के साथ हमले की जिम्मेदारी और घटना की पूरी परिस्थितियों पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।
पाठकों के लिए जरूरी तथ्य
कोहाट में जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद के पास धमाका हुआ। शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम 15 मौतों और 50 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में अंतर है। इसलिए अंतिम सरकारी पुष्टि से पहले किसी संख्या को अंतिम आंकड़ा मानना उचित नहीं होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।