भारत के दबाव के बीच मसूद अजहर पर पाकिस्तान का बड़ा एक्शन, 70 लाख का इनाम
Asif Khan
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2026-09-14 19:44:46
भारत का दबाव या पाकिस्तान की मजबूरी? मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम
मसूद अजहर पर पाकिस्तान की नकेल! 70 लाख का इनाम, नई मोस्ट वांटेड लिस्ट
पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी की नई मोस्ट वांटेड सूची में मसूद अजहर का नाम शामिल होने की खबर है। गिरफ्तारी में मददगार सूचना पर इनाम 70 लाख पाकिस्तानी रुपये बताया गया है।
📍Islamabad 🗓️ 14 September ✍️ Asif Khan
पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2026 की नई मोस्ट वांटेड सूची जारी की है, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का नाम शामिल किए जाने की खबर है। रिपोर्टों के मुताबिक, उसकी गिरफ्तारी तक पहुंचाने वाली सूचना के लिए घोषित इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये किया गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब वित्तीय कार्रवाई कार्यबल की अक्टूबर में होने वाली पूर्ण बैठक नजदीक है। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक पाकिस्तान फिलहाल वित्तीय कार्रवाई कार्यबल की बढ़ी हुई निगरानी वाली सूची में शामिल नहीं है।
इनाम में बढ़ोतरी की खबर
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी की नई सूची में मसूद अजहर के नाम के साथ उसके ऊपर घोषित इनाम को 70 लाख पाकिस्तानी रुपये बताया गया है।
मसूद अजहर लंबे समय से भारत और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी तंत्र की निगाह में रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मई 2019 में उसे अल-कायदा से संबद्ध गतिविधियों के आधार पर अपनी प्रतिबंध सूची में शामिल किया था। संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड में उसे जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक बताया गया है।
पाकिस्तान के पुराने दावे की भी चर्चा
मसूद अजहर की मौजूदगी को लेकर पाकिस्तान के पुराने दावों का भी इस घटनाक्रम में उल्लेख हो रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों में कहा गया है कि पाकिस्तान ने पहले यह दावा किया था कि वह देश में मौजूद नहीं है और अफगानिस्तान चला गया है।
वहीं, भारतीय पक्ष से समय-समय पर उसके पाकिस्तान में मौजूद होने संबंधी दावे सामने आते रहे हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों से इस समय नहीं की जा सकती। इसलिए उसके मौजूदा ठिकाने को लेकर किसी एक दावे को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
एफएटीएफ बैठक का संदर्भ
वित्तीय कार्रवाई कार्यबल की अगली पूर्ण बैठक 26 से 30 अक्टूबर 2026 तक पेरिस में निर्धारित है। संस्था की आधिकारिक जून 2026 की सूची में पाकिस्तान बढ़ी हुई निगरानी वाले देशों में शामिल नहीं है।
पाकिस्तान अक्टूबर 2022 में एफएटीएफ की बढ़ी हुई निगरानी से बाहर हो गया था। इसलिए मसूद अजहर पर कार्रवाई को सीधे पाकिस्तान के दोबारा ग्रे सूची में जाने की तैयारी के तौर पर पेश करना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा।
हालांकि, किसी भी देश की आतंकवाद-रोधी और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ कार्रवाई का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन व्यापक संदर्भ में किया जा सकता है। इसी वजह से मसूद अजहर का नाम नई मोस्ट वांटेड सूची में होने और इनाम बढ़ाए जाने की खबर को अंतरराष्ट्रीय निगरानी के संदर्भ में देखा जा रहा है।
26/11 से जुड़े नामों का भी जिक्र
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि नई सूची में मुंबई के 26/11 आतंकी हमलों से जुड़े कई संदिग्धों के नाम शामिल हैं। कुछ नामों के साथ उनकी कथित भूमिका और तस्वीरों का उल्लेख किए जाने की बात कही गई है।
हालांकि, इन व्यक्तियों की वर्तमान स्थिति, सूची में उनके विवरण और किसी कार्रवाई की ताजा स्थिति के संबंध में सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध होने तक विस्तृत दावों को सावधानी से देखना जरूरी है।
मसूद अजहर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध
मसूद अजहर को लेकर एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संबंधित प्रतिबंध व्यवस्था में उसका नाम पहले से दर्ज है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, उसे एक मई 2019 को सूचीबद्ध किया गया था और रिकॉर्ड में उसे जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक बताया गया है।
इसका अर्थ यह है कि पाकिस्तान की कथित नई सूची में उसका नाम आना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके खिलाफ मौजूद प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से अलग एक राष्ट्रीय स्तर की कार्रवाई है।
अब आगे क्या?
सबसे अहम सवाल यह है कि नई सूची और बढ़े हुए इनाम के बाद पाकिस्तान की एजेंसियां मसूद अजहर के खिलाफ वास्तविक स्तर पर क्या कदम उठाती हैं।
आने वाले समय में इस मामले का आकलन केवल सूची में नाम या इनाम की रकम से नहीं, बल्कि गिरफ्तारी, कानूनी कार्रवाई, संपत्तियों पर कार्रवाई और आतंकवादी वित्तपोषण से जुड़े ठोस कदमों से होगा।
फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इतना कहा जा सकता है कि मसूद अजहर का नाम पाकिस्तान की नई मोस्ट वांटेड सूची में होने और उस पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की खबर ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी कार्रवाई और पाकिस्तान की नीति पर फिर चर्चा तेज कर दी है।
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।