मंगलवार, 27 October 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
BREAKING
Advertisement Advertisement
India

राष्ट्रपति भवन पहुंचकर पेज़ेशकियान ने मुर्मु से की मुलाकात, भारत-ईरान रिश्तों पर अहम चर्चा

Harish Qureshi • 2026-09-12 15:33:37
राष्ट्रपति भवन पहुंचकर पेज़ेशकियान ने मुर्मु से की मुलाकात, भारत-ईरान रिश्तों पर अहम चर्चा

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। यह बैठक पश्चिम एशिया में जारी तनाव और भारत-ईरान कूटनीतिक संपर्क के बीच हुई।


नई दिल्ली | 12 सितंबर 2026

By Mohd Haris


राष्ट्रपति भवन में पेज़ेशकियान और मुर्मु की मुलाकात


ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। पेज़ेशकियान भारत की अपनी पहली यात्रा पर हैं और 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए राजधानी पहुंचे हैं।


इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि भारत और ईरान के बीच रिश्ते ऐसे समय में चर्चा के केंद्र में हैं, जब पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री व्यापार से जुड़े जोखिम बढ़े हुए हैं।


भारत-ईरान संबंधों पर फोकस


राष्ट्रपति भवन में हुई बातचीत में दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर रहा। भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संपर्क के साथ व्यापार, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दे भी रिश्तों का अहम हिस्सा हैं।


पेज़ेशकियान की भारत यात्रा को इसी व्यापक कूटनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है। ब्रिक्स मंच ने दोनों देशों को बहुपक्षीय सहयोग के साथ द्विपक्षीय संपर्क को आगे बढ़ाने का अवसर दिया है।


मोदी से भी हुई थी अहम मुलाकात


राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेज़ेशकियान के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी। दोनों नेताओं की यह दो सप्ताह से भी कम समय में दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों की मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन के सम्मेलन के दौरान हुई थी।


प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ईरान दोस्ती को आगे बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक और दोनों पक्षों के लिए लाभकारी रणनीति पर जोर दिया।


पश्चिम एशिया संकट पर भारत का रुख


मोदी और पेज़ेशकियान के बीच बातचीत में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति भी प्रमुख मुद्दा रही। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।


भारत ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता की जरूरत पर भी जोर दिया है। इसके साथ ही समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता, व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और नाविकों की सलामती को अहम प्राथमिकता बताया गया है।


समुद्री सुरक्षा क्यों अहम है


पश्चिम एशिया में तनाव का सीधा असर समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है। भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए संवेदनशील है क्योंकि ऊर्जा आपूर्ति, व्यापारिक आवाजाही और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा क्षेत्र की स्थिरता से जुड़ी हुई है।


प्रधानमंत्री मोदी ने पेज़ेशकियान के साथ बातचीत में सुरक्षित समुद्री आवाजाही और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। यह भारत की मौजूदा कूटनीतिक प्राथमिकताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


ब्रिक्स मंच की बढ़ती अहमियत


ईरान जनवरी 2024 से ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य है। पेज़ेशकियान की नई दिल्ली यात्रा ऐसे समय हुई है जब भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता के तहत शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।


ब्रिक्स के मंच पर ईरान की मौजूदगी भारत के लिए पश्चिम एशिया के साथ बहुपक्षीय संवाद को आगे बढ़ाने का एक अहम माध्यम भी है।


प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान की लगातार उच्चस्तरीय ब्रिक्स भागीदारी की सराहना की। दोनों देशों ने बहुपक्षीय संस्थाओं में साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग जारी रखने पर भी चर्चा की।


भारत-ईरान रिश्तों की पुरानी बुनियाद


भारत और ईरान के संबंध केवल मौजूदा रणनीतिक जरूरतों तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत और सांस्कृतिक संपर्क रहे हैं।


ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी और मध्य एशिया तक पहुंच जैसे मुद्दों ने आधुनिक दौर में इस रिश्ते को रणनीतिक आयाम दिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क भी लगातार बना रहा है।


पेज़ेशकियान की पहली भारत यात्रा


मसूद पेज़ेशकियान के राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस तथ्य को रेखांकित किया और भारत-ईरान संबंधों को दीर्घकालिक नजरिए से आगे बढ़ाने की बात कही।


इस यात्रा के दौरान ब्रिक्स सम्मेलन के अलावा भारत और ईरान के बीच व्यापक रणनीतिक संवाद को भी महत्व मिल रहा है।


राष्ट्रपति भवन का ईरानी विरासत से खास रिश्ता


पेज़ेशकियान की राष्ट्रपति भवन यात्रा का एक सांस्कृतिक पहलू भी रहा। राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में ईरानी कला और इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण विरासत मौजूद है।


रिपोर्टों के मुताबिक पेज़ेशकियान ने राष्ट्रपति भवन में ईरानी विरासत से जुड़े हिस्से का भी अवलोकन किया। अशोक हॉल की छत पर क़ाजार काल से जुड़ी प्रसिद्ध पेंटिंग इसका प्रमुख हिस्सा है।


यह पहलू भारत और ईरान के बीच केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रिश्तों की गहराई को भी सामने लाता है।


आगे की कूटनीति पर नजर


पेज़ेशकियान और मुर्मु की मुलाकात के साथ भारत-ईरान संपर्क का एक और महत्वपूर्ण दौर सामने आया है। प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में पश्चिम एशिया, समुद्री सुरक्षा और ब्रिक्स सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहे थे।


अब राष्ट्रपति भवन में हुई बातचीत दोनों देशों के व्यापक संबंधों के प्रतीकात्मक और कूटनीतिक महत्व को और मजबूत करती है।


हालांकि किसी एक मुलाकात से पश्चिम एशिया के जटिल संकट का समाधान नहीं निकलता, लेकिन भारत का लगातार संवाद और कूटनीति पर जोर उसकी संतुलित विदेश नीति को रेखांकित करता है।


निष्कर्ष


ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात ऐसे समय हुई है जब ब्रिक्स सम्मेलन के बीच भारत की पश्चिम एशिया कूटनीति पर दुनिया की नजर है।

एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत में भारत ने संवाद, कूटनीति, समुद्री आवाजाही और नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी थी। राष्ट्रपति भवन की मुलाकात ने इस उच्चस्तरीय संपर्क को एक और आयाम दिया।


भारत और ईरान के लिए आगे की चुनौती यह होगी कि ऐतिहासिक संबंधों को मौजूदा क्षेत्रीय तनाव, व्यापारिक जोखिम और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच किस तरह व्यावहारिक सहयोग में बदला जाए।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान भारत पहुंचे, पालम एयरपोर्ट पर हुआ विमान लैंड

2026-09-11 14:12:36

शनिवार से भारत मंडपम में जुटेंगे दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता

2026-09-11 12:15:55

ब्रिक्स में भारत की बड़ी कूटनीतिक कामयाबी, ईरान-UAE मतभेद के बीच साझा घोषणापत्र पर बनी सहमति

2026-09-12 15:19:33

भारत आएंगे शी जिनपिंग, 12 सितंबर को पीएम मोदी से होगी अहम द्विपक्षीय मुलाकात

2026-09-10 11:32:00

पेजेशकियान और अबू धाबी क्राउन प्रिंस की मुलाकात, बोले: अतीत को भूलकर आगे बढ़ने पर सहमति

2026-09-14 15:00:43

7 साल बाद भारत आएंगे Xi Jinping, BRICS Summit में Modi-Xi मुलाकात पर नजर

2026-09-10 21:01:31

BRICS Summit से पहले दिल्ली में कूटनीतिक हलचल, Xi-Putin पर नजर

2026-09-10 19:59:58

BRICS Summit से पहले दिल्ली में आज बड़ा ट्रैफिक डायवर्जन, 35 से ज्यादा सड़कें प्रभावित

2026-09-02 07:35:56

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर