जामिया में छात्रसंघ चुनाव पर गतिरोध, धारा 163 के दावे की पुष्टि बाकी
Mohammad Naved
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2026-10-27 13:15:35
जामिया में छात्रसंघ चुनाव की तारीख को लेकर गतिरोध जारी है। प्रशासन ने धरनास्थल खाली करने को कहा है। धारा 163 और नए प्रदर्शन के आह्वान की पुष्टि बाकी है।
📍 नई दिल्ली
🗓️ 27 अक्टूबर 2026
✍️ Mohd Naved
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच गतिरोध जारी है। प्रशासन ने छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराने का आदेश जारी किया है। कुछ छात्रों का कहना है कि चुनाव की निश्चित तारीख घोषित होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धारा 163 के दावे पर क्या जानकारी है?
जामिया रोड पर धारा 163 लागू होने की एक मीडिया रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, दिल्ली पुलिस का संबंधित लिखित आदेश, उसकी अवधि, भौगोलिक सीमा और पाबंदियों की शर्तें स्वतंत्र रूप से उपलब्ध नहीं हुई हैं। इसलिए प्रतिबंध का पूरा दायरा स्पष्ट नहीं है।
वामपंथी समूहों की ओर से नए प्रदर्शन के आह्वान के बारे में भी आयोजकों की सूची, प्रस्तावित समय और स्थान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
छात्रों की मांग क्या है?
रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रों का आंदोलन 12 अक्टूबर को छात्रसंघ की बहाली और चुनाव की मांग को लेकर शुरू हुआ था। जामिया छात्रसंघ 2006 से भंग है। कुछ प्रदर्शनकारी चुनाव की निश्चित तारीख और अन्य मांगों पर स्पष्ट लिखित जवाब चाहते हैं।
विश्वविद्यालय ने क्या फैसला लिया?
26 अक्टूबर के प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव होगा। प्रदर्शन के दौरान जारी निलंबन और कारण बताओ नोटिस वापस लेने तथा सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की जांच के लिए समिति बनाने की भी बात कही गई है।
प्रशासन ने उत्तर परिसर के गुलिस्तान-ए-गालिब भवन और गालिब लॉन को खाली करने का नोटिस भी जारी किया है। नोटिस में निर्देशों का पालन न होने पर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पढ़ाई पर क्या असर पड़ा?
विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन कक्षाएं 8 नवंबर 2026 तक जारी रखने का फैसला किया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी मध्य सेमेस्टर परीक्षाएं भी ऑनलाइन होंगी। इसके बाद परिसर की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
आगे क्या होगा?
छात्रसंघ संविधान की मंजूरी, चुनाव की तारीख और प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत पर आगे की स्थिति विश्वविद्यालय के अगले आदेशों से साफ होगी। धारा 163 के दायरे और किसी नए प्रदर्शन के कार्यक्रम पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।