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तमिलनाडु उपचुनाव: 100 दिन के काम को लेकर TVK का दावा, DMK से मुकाबले में जीत का भरोसा
Wasi Siddiqui
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2026-09-10 15:37:58
तमिलनाडु के मदुरांतकम और धारापुरम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होगा। TVK 100 दिन के शासन के कामकाज को अपनी ताकत बता रही है, जबकि DMK ने मुकाबले के लिए उम्मीदवार उतार दिए हैं।
📍 चेन्नई, तमिलनाडु
🗓️ 10 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui
100 दिन के शासन पर टिकी TVK की चुनावी रणनीति
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK सरकार के लिए अक्टूबर में होने वाले 2 विधानसभा उपचुनाव अहम राजनीतिक परीक्षा बन गए हैं। पार्टी नेतृत्व अपने शुरुआती 100 दिनों के शासन में लिए गए फैसलों और घोषित योजनाओं को जनता के सामने रखने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।
मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। दोनों सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।
उपचुनाव क्यों हो रहे हैं?
मदुरांतकम से एआईएडीएमके की मरगदम कुमारवेल और धारापुरम से पी. सत्यबामा ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद दोनों नेता TVK में शामिल हो गए। इसी वजह से दोनों सीटें खाली हुईं और निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की प्रक्रिया 9 सितंबर से शुरू होकर 16 सितंबर तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को होगी और नाम वापसी की अंतिम तारीख 19 सितंबर है। मतदान 6 अक्टूबर और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
दोनों सीटों पर TVK के सामने पुराना चुनावी रिकॉर्ड
इन उपचुनावों की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि दोनों सीटों पर 2026 के विधानसभा चुनाव में TVK उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर पाए थे।
मदुरांतकम में एआईएडीएमके की मरगदम कुमारवेल ने 69,284 वोट हासिल करके जीत दर्ज की थी। TVK की उम्मीदवार एझिल कैथरीन एझिलमलाई को 62,090 वोट मिले थे। डीएमके उम्मीदवार 59,838 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं।
इस आंकड़े से साफ है कि मदुरांतकम में TVK पहले ही मजबूत चुनावी स्थिति में थी, लेकिन जीत से पीछे रह गई थी। अब पार्टी सत्ता में आने के बाद अपने प्रदर्शन को वोट में बदलने की कोशिश करेगी।
धारापुरम में भी मुकाबला दिलचस्प
धारापुरम में 2026 के विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके की पी. सत्यबामा ने 81,100 वोट हासिल किए थे। उन्होंने 16,727 वोट के अंतर से जीत दर्ज की थी। डीएमके दूसरे स्थान पर रही थी, जबकि TVK तीसरे स्थान पर थी।
इस लिहाज से धारापुरम TVK के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण सीट दिखाई देती है। पार्टी को सत्ता में आने के बाद अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ पिछले चुनाव के वोट अंतर को भी पाटना होगा।
TVK ने उम्मीदवारों का ऐलान किया
TVK ने मदुरांतकम से मरगदम कुमारवेल और धारापुरम से पी. सत्यबामा को उम्मीदवार बनाया है। दोनों नेता पहले एआईएडीएमके के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीत चुकी थीं और बाद में TVK में शामिल हुईं।
इस रणनीति का राजनीतिक संदेश स्पष्ट है। पार्टी ऐसे चेहरों के जरिए उन विधानसभा क्षेत्रों में अपना संगठन मजबूत करना चाहती है, जहां उसके पास पहले से चुनावी आधार मौजूद है।
DMK ने भी शुरू किया चुनावी अभियान
दूसरी तरफ डीएमके ने दोनों सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। मदुरांतकम से आई. परंथामन और धारापुरम से एस. सुगन्या को मैदान में उतारा गया है।
इससे दोनों सीटों पर मुकाबला सीधे TVK और DMK के बीच केंद्रित होने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि अंतिम तस्वीर नामांकन और अन्य दलों के उम्मीदवारों के सामने आने के बाद ही साफ होगी।
100 दिन का रिपोर्ट कार्ड TVK की बड़ी राजनीतिक पूंजी
मुख्यमंत्री विजय ने 10 मई 2026 को पद की शपथ ली थी। 17 अगस्त को उनकी सरकार ने 100 दिन पूरे किए। सरकार ने इस अवधि को कल्याणकारी योजनाओं, महिला सुरक्षा, शिक्षा, किसानों के लिए राहत और निवेश आकर्षित करने जैसी प्राथमिकताओं से जोड़कर पेश किया।
सरकार के 100 दिन के रिपोर्ट कार्ड में निवेश को भी प्रमुखता दी गई। अगस्त में आयोजित निवेश सम्मेलन के दौरान सरकार ने 97 समझौता ज्ञापनों के जरिए 67,542 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश और 1 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसरों का दावा किया था।
हालांकि ऐसे निवेश प्रस्तावों को सीधे वास्तविक रोजगार या जमीन पर उतर चुके औद्योगिक प्रोजेक्ट के बराबर नहीं माना जा सकता। उनकी वास्तविक सफलता परियोजनाओं के क्रियान्वयन, मंजूरी और निवेश के धरातल पर उतरने से तय होगी।
सरकार के कामकाज पर सवाल भी उठे
TVK सरकार के शुरुआती 100 दिनों की तस्वीर केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। विभिन्न रिपोर्टों में कानून-व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराध, बिजली आपूर्ति, कचरा प्रबंधन, राज्य की वित्तीय स्थिति और चुनावी वादों के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर सवाल भी दर्ज किए गए हैं।
इसलिए उपचुनाव TVK के लिए केवल सीटों की लड़ाई नहीं हैं। यह जनता के बीच सरकार के शुरुआती प्रदर्शन की पहली प्रत्यक्ष राजनीतिक जांच भी होगी।
DMK के सामने भी चुनौती
DMK के लिए ये उपचुनाव इसलिए अहम हैं क्योंकि TVK सरकार बनने के बाद यह शुरुआती चुनावी मुकाबला है। दोनों सीटों पर पार्टी को अपने पारंपरिक संगठन और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करना होगा।
दूसरी तरफ TVK के लिए जीत का अर्थ सरकार बनने के कुछ महीनों के भीतर विपक्षी दलों के खिलाफ अपनी चुनावी स्वीकार्यता साबित करना होगा। दोनों सीटों के नतीजे विधानसभा की सत्ता-संरचना में बड़ा बदलाव नहीं करेंगे, लेकिन राजनीतिक नैरेटिव पर उनका असर बड़ा हो सकता है।
सिर्फ 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड पर्याप्त नहीं
TVK की रणनीति में 100 दिन के काम को प्रमुख मुद्दा बनाना स्वाभाविक है। लेकिन चुनावी नतीजे केवल सरकारी योजनाओं की घोषणा से तय नहीं होते। स्थानीय उम्मीदवार की पकड़, बूथ संगठन, जातीय और सामाजिक समीकरण, विपक्षी वोटों का बंटवारा तथा स्थानीय मुद्दे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मदुरांतकम में TVK पहले विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर थी, जबकि धारापुरम में वह तीसरे स्थान पर रही थी। इसलिए दोनों सीटों की राजनीतिक जमीन एक जैसी नहीं है।
बाकी खाली सीटों पर अभी उपचुनाव नहीं
तमिलनाडु में कुल 7 विधानसभा सीटें खाली हुई थीं। इनमें तिरुचिरापल्ली पूर्व, अंबासमुद्रम, विरालीमलाई, पेरुंदुरई और करूर जैसी सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर चुनावी याचिकाएं लंबित होने के कारण निर्वाचन आयोग ने फिलहाल उपचुनाव घोषित नहीं किया है।
इस वजह से 6 अक्टूबर के 2 उपचुनाव TVK सरकार के लिए पहला सीमित लेकिन महत्वपूर्ण चुनावी परीक्षण होंगे।
असली सवाल 6 अक्टूबर के बाद सामने आएगा
TVK के लिए चुनौती अब 100 दिनों की उपलब्धियों को चुनावी समर्थन में बदलने की है। पार्टी दोनों सीटों पर अपने ही सरकार के कामकाज को जनता के सामने रखेगी और इसे DMK के मुकाबले अपनी राजनीतिक क्षमता के प्रमाण के रूप में पेश करेगी।
लेकिन अंतिम फैसला मतदाता करेंगे। मदुरांतकम और धारापुरम के नतीजे यह संकेत देंगे कि विजय सरकार के शुरुआती कामकाज ने जमीन पर कितना असर पैदा किया है और TVK की चुनावी मशीनरी सत्ता में आने के बाद कितनी मजबूत हुई है।
6 अक्टूबर का मतदान और 9 अक्टूबर की मतगणना इसलिए केवल 2 विधानसभा सीटों का परिणाम नहीं होगी। यह तमिलनाडु की बदलती सियासी तस्वीर में TVK की शुरुआती स्वीकार्यता का महत्वपूर्ण संकेत भी दे सकती है।
Wasi Siddiqui
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।