1. टाइफून डॉल्फिन से शंघाई ठप, 1300 फ्लाइट्स कैंसिल
2. टाइफून डॉल्फिन का असर, लाखों की निकासी
3. टाइफून डॉल्फिन ने चीन में ट्रांसपोर्ट सिस्टम रोका
टाइफून डॉल्फिन के कारण चीन के पूर्वी हिस्सों में बड़े स्तर पर तबाही हुई है। शंघाई में 1300 से अधिक फ्लाइट्स रद्द हुईं और लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। भारी बारिश और बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है।
📍 Location: Shanghai, China
📰 Date: 10 August 2026
✍️ By Mohd Haris
टाइफून डॉल्फिन ने चीन के पूर्वी हिस्सों में व्यापक असर डाला है। शंघाई समेत कई प्रमुख शहरों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने बड़े पैमाने पर निकासी और आपात कदम उठाए हैं।
मौसम एजेंसियों के मुताबिक यह टाइफून पहले ही लैंडफॉल कर चुका है, लेकिन इसका असर अभी भी जारी है।
शंघाई के दोनों प्रमुख एयरपोर्ट्स पर 1300 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं। यह कुल उड़ानों का बड़ा हिस्सा है, जिससे एयर ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हुआ।
सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो और फेरी सेवाओं पर भी असर पड़ा है। कई इलाकों में जलभराव और तेज हवाओं की वजह से मूवमेंट सीमित हो गया है।
टाइफून के खतरे को देखते हुए चीन के कई प्रांतों में बड़े स्तर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक मिलियन से ज्यादा लोगों को निकाला गया है।
शंघाई में ही लाखों लोग प्रभावित हुए और हजारों को अस्थायी शेल्टर में रखा गया।
डॉल्फिन टाइफून सामान्य तूफानों से ज्यादा लंबा और व्यापक असर वाला बताया जा रहा है।
इसने लगभग 6000 किलोमीटर का सफर तय किया और कई देशों को प्रभावित किया।
विशेषज्ञ इसे हाल के वर्षों के सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले तूफानों में मान रहे हैं।
पहले यह टाइफून समुद्र में मजबूत हुआ।
फिर चीन के झेजियांग तट पर लैंडफॉल हुआ।
इसके बाद शंघाई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश शुरू हुई।
अब यह अंदरूनी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है और बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है।
चीन की इकोनॉमी, सप्लाई चेन और ग्लोबल ट्रेड इससे प्रभावित हो सकते हैं।
शंघाई एक प्रमुख आर्थिक हब है, जहां ट्रांसपोर्ट रुकने का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है।
सरकारी एजेंसियां कह रही हैं कि समय रहते कदम उठाए गए।
कई विशेषज्ञ मानते हैं कि निकासी ने जान-माल के नुकसान को कम किया है।
दूसरी तरफ, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव अब भी ज्यादा है।
शंघाई के कई इलाकों में पानी भर गया है।
सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हैं।
लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है।
कुछ लोग मानते हैं कि चीन की आपदा प्रबंधन प्रणाली मजबूत है।
हालांकि, लगातार बढ़ते ऐसे तूफान इस सिस्टम की सीमाएं भी दिखा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे शक्तिशाली टाइफून की बढ़ती संख्या क्लाइमेट चेंज से जुड़ी है।
तापमान बढ़ने से समुद्री तूफानों की तीव्रता बढ़ रही है।
फ्लाइट्स रद्द होने से एविएशन सेक्टर प्रभावित हुआ है।
लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में देरी हो सकती है।
इंश्योरेंस और रिकवरी कॉस्ट भी बढ़ने की आशंका है।
इस टाइफून का असर चीन से बाहर भी देखा गया है।
ताइवान, जापान और फिलीपींस में भी बारिश और ट्रांसपोर्ट बाधित हुआ।
अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बना रहेगा।
एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और राहत कार्य जारी है।
स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है।
टाइफून डॉल्फिन ने दिखाया कि प्राकृतिक आपदाएं अब ज्यादा तीव्र और व्यापक हो रही हैं।
हालांकि बड़े पैमाने पर निकासी से नुकसान कम हुआ, लेकिन आर्थिक और सामाजिक असर अभी भी सामने आना बाकी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।