श्रीलंका में पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे को एयरबस सौदे में कथित रिश्वत से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया। अदालत ने उन्हें 18 सितंबर तक रिमांड पर भेजा।
कोलंबो | 5 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
पूर्व राष्ट्रपति के बेटे की गिरफ्तारी
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे और सांसद नमल राजपक्षे को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई 2013 में श्रीलंकन एयरलाइंस के लिए एयरबस विमानों
की खरीद से जुड़े कथित भुगतान की जांच के तहत हुई।
श्रीलंका की रिश्वत और भ्रष्टाचार जांच आयोग ने शुक्रवार को पांच घंटे से अधिक पूछताछ के बाद नमल राजपक्षे को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट के सामने पेश
किया गया। अदालत ने उन्हें 18 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
$800,000 के कथित भुगतान का मामला
अभियोजन पक्ष के मुताबिक जांच में करीब 800,000 डॉलर के कथित भुगतान का मामला सामने आया है। आरोप है कि यह रकम एयरबस सौदे से जुड़े धन के जरिए नमल राजपक्षे तक पहुंची।
अदालत में पेश जांच के मुताबिक रकम सिंगापुर के दो बैंक खातों के जरिए स्थानांतरित हुई। जांच एजेंसी का आरोप है कि एक श्रीलंकाई कारोबारी ने बाद में यह रकम श्रीलंकाई मुद्रा में
बदलकर राजपक्षे को दी।
एयरबस सौदा 2.3 अरब डॉलर का था
मामला श्रीलंकन एयरलाइंस के करीब 2.3 अरब डॉलर के एयरबस लेनदेन से जुड़ा है। यह सौदा 2013 में हुआ था और बाद में 2016 में नई सरकार ने इसे रद्द कर दिया था।
जांच का फोकस इस बात पर है कि विमान खरीद प्रक्रिया के दौरान क्या श्रीलंकाई राजनेताओं और अधिकारियों को अवैध कमीशन दिया गया था।
जांच में कारोबारी का बयान अहम
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि नमल राजपक्षे की गिरफ्तारी के पीछे कारोबारी निमल परेरा का हलफनामा भी महत्वपूर्ण है।
जांच एजेंसी के अनुसार परेरा ने दावा किया कि उसकी कंपनी को सिंगापुर स्थित एक खाते से 800,000 डॉलर मिले थे और यह रकम बाद में श्रीलंकाई रुपये में बदलकर नमल राजपक्षे को दी
गई।
हालांकि बचाव पक्ष ने इस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है। राजपक्षे के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि गिरफ्तारी मुख्य रूप से परेरा के बयान पर आधारित है और उनके पिछले
मामलों में दिए गए बयानों को लेकर भी सवाल मौजूद हैं।
नमल राजपक्षे ने आरोपों से इनकार किया
नमल राजपक्षे ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। राजपक्षे परिवार पहले भी भ्रष्टाचार के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताता रहा है।
इसलिए मौजूदा मामले में गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को दोष सिद्धि नहीं माना जा सकता। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
पूर्व एयरलाइन प्रमुख का नाम भी जांच में
जांच में श्रीलंकन एयरलाइंस के पूर्व मुख्य कार्यकारी कपिला चंद्रसेना का नाम भी सामने आया है। उन्होंने जांचकर्ताओं को कथित तौर पर बताया था कि उन्होंने महिंदा राजपक्षे को करीब 60
मिलियन श्रीलंकाई रुपये दिए थे।
अदालत में पेश जानकारी के मुताबिक यह रकम 2013 में तीन किस्तों में दी गई थी। बाद में चंद्रसेना ने अपना बयान वापस लेते हुए दावा किया कि उनसे दबाव में यह बयान लिया गया था।
अंतरराष्ट्रीय जांच में Airbus का नाम
एयरबस से जुड़े वैश्विक रिश्वत मामले की जांच अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की एजेंसियों ने भी की थी। अंतरराष्ट्रीय जांच में श्रीलंका से जुड़े भुगतान सामने आए थे।
रिपोर्टों के मुताबिक एयरबस ने श्रीलंका में करीब 16 मिलियन डॉलर के रिश्वत भुगतान से जुड़े मामलों को लेकर अधिकारियों के साथ समझौता किया था। जांच में लगभग 1.7 मिलियन डॉलर
चंद्रसेना से जुड़े भुगतान के रूप में सामने आए थे।
यह पृष्ठभूमि मौजूदा श्रीलंकाई जांच को अंतरराष्ट्रीय विमानन उद्योग में भ्रष्टाचार से जुड़े पुराने मामले से जोड़ती है। हालांकि इससे नमल राजपक्षे के खिलाफ मौजूदा आरोप अपने आप सिद्ध नहीं
होते।
राजपक्षे परिवार पर बढ़ता कानूनी दबाव
नमल राजपक्षे की गिरफ्तारी राजपक्षे परिवार के लिए राजनीतिक और कानूनी तौर पर अहम घटनाक्रम है। उनके पिता महिंदा राजपक्षे से भी इसी मामले में मई 2026 में पूछताछ की गई थी।
नमल श्रीलंका पोदुजन पेरामुना से जुड़े प्रमुख विपक्षी नेताओं में शामिल हैं। उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब विपक्ष 12 सितंबर को अनुराधापुरा में सरकार के खिलाफ बड़ी रैली की तैयारी
कर रहा था। पार्टी ने गिरफ्तारी को राजनीतिक अभियान को प्रभावित करने की कोशिश बताया है।
अदालत ने जमानत क्यों नहीं दी
नमल राजपक्षे के वकील ने जमानत की मांग की थी। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया और भ्रष्टाचार विरोधी कानून के तहत विशेष परिस्थितियों की जरूरत का हवाला दिया।
कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट असांगा बोडारागमा ने राजपक्षे को 18 सितंबर तक रिमांड पर भेज दिया। बचाव पक्ष द्वारा गवाह की विश्वसनीयता पर उठाए गए सवालों को अदालत ने इस चरण में
मुकदमे के दौरान तय किए जाने वाला विषय माना।
अब जांच का अगला चरण
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया है कि मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंच रही है। इसमें श्रीलंका के अलावा ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, फ्रांस और अमेरिका से जुड़ी जानकारी भी शामिल है।
एयरबस के अधिकारियों से भी बयान लिए गए हैं।
अब मुख्य सवाल यह होगा कि जांच एजेंसी 800,000 डॉलर के कथित भुगतान और नमल राजपक्षे के बीच सीधा संबंध अदालत में किस स्तर तक स्थापित कर पाती है।
फिलहाल अदालत का फैसला केवल न्यायिक हिरासत से जुड़ा है। नमल राजपक्षे के खिलाफ रिश्वत लेने का आरोप अभी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुआ है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।