हौथी समूह ने सऊदी अरब पर अपने नियंत्रण वाले इलाकों में 24 घंटे के दौरान 26 हवाई हमले करने का आरोप लगाया है।
Harish Qureshi
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2026-09-19 12:28:23
यमन में संघर्ष के बीच हौथियों ने सऊदी अरब पर 24 घंटे में 26 हवाई हमले करने का आरोप लगाया है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रियाद और दूसरे इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं।
यमन | 19 सितंबर 2026
By Mohd Haris
यमन में हौथी समूह और सऊदी समर्थित ताकतों के बीच सैन्य टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। हौथियों ने दावा किया है कि सऊदी अरब ने उनके नियंत्रण वाले इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान 26 हवाई हमले किए। इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और सऊदी अधिकारियों की ओर से इन 26 हमलों पर तत्काल कोई सार्वजनिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
24 घंटे में 26 हमलों का दावा
हौथी पक्ष के अनुसार, सऊदी हवाई हमलों ने यमन में उसके नियंत्रण वाले कई इलाकों को निशाना बनाया। हौथियों ने इससे पहले भी सऊदी हवाई कार्रवाई के कई आंकड़े जारी किए हैं। शुक्रवार को समूह ने पिछले एक सप्ताह में करीब 300 सऊदी हवाई हमलों का दावा किया था। ये आंकड़े हौथी पक्ष से आए हैं।
संघर्ष में दोनों पक्षों के हमले
यमन में मौजूदा टकराव एकतरफा सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है। हौथियों ने सऊदी क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों का दावा किया है, जबकि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हौथी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की है।
सऊदी अधिकारियों के अनुसार, हालिया हौथी हमलों में देश के कई इलाकों में नागरिकों को चोटें आईं और कुछ संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। सऊदी पक्ष ने हौथी ड्रोन को रोकने की भी जानकारी दी है।
रियाद और दूसरे शहरों में सुरक्षा अलर्ट
संघर्ष बढ़ने के बीच सऊदी अरब में सुरक्षा सतर्कता बढ़ाई गई है। सऊदी नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने रियाद और अल-खर्ज में संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया और बाद में ऑल-क्लियर संदेश दिया। इससे पहले जेद्दा, ताइफ और दूसरे इलाकों में भी खतरे की चेतावनियां जारी की गई थीं।
मक्का को लेकर भी बढ़ी संवेदनशीलता
सऊदी अरब ने हाल के दिनों में मक्का के आसपास हवाई सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता दिखाई है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक हौथी ड्रोन को मक्का के दक्षिण में रोकने का दावा किया था। हौथियों ने मक्का या किसी धार्मिक स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया है।
यह घटनाक्रम इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है और वहां किसी भी सैन्य घटना का क्षेत्रीय और धार्मिक स्तर पर व्यापक असर पड़ सकता है।
यमन में जमीनी मोर्चा भी सक्रिय
मौजूदा संकट केवल हवाई और ड्रोन हमलों तक सीमित नहीं है। यमन के पश्चिमी हिस्से और लाल सागर के तटीय इलाकों में भी लड़ाई तेज हुई है। हालिया घटनाक्रम में हौथी लड़ाकों ने लाल सागर के तट पर महत्वपूर्ण इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत की है।
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में लड़ रही ताकतों ने भी ताइज़ प्रांत में हौथी लड़ाकों के खिलाफ कार्रवाई और कुछ इलाकों में बढ़त का दावा किया है। युद्ध क्षेत्र से आने वाले कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि मुश्किल बनी हुई है।
बाब अल-मंदब पर बढ़ा दबाव
यमन का पश्चिमी तटीय क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है।
हौथियों की तटीय इलाकों में बढ़ती सैन्य मौजूदगी ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर तेल और दूसरे माल की आवाजाही पर पड़ने की आशंका भी बढ़ी है।
मानवीय संकट भी गहरा रहा
यमन में नए सिरे से शुरू हुई हिंसा का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, हालिया संघर्ष के दौरान 112000 से अधिक लोग देश के भीतर विस्थापित हुए हैं, जबकि करीब 3000 लोग समुद्र के रास्ते जिबूती पहुंचे हैं।
रेड सी तटीय इलाकों में सैन्य गतिविधियां बढ़ने के साथ विस्थापन, राहत और खाद्य सुरक्षा की चुनौतियां भी गंभीर हुई हैं। यमन पहले से ही लंबे गृहयुद्ध के कारण कमजोर मानवीय और सार्वजनिक ढांचे से जूझ रहा है।
अमेरिका और यूरोप की चिंता
यमन में संघर्ष का असर क्षेत्रीय सुरक्षा से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों तक पहुंच रहा है। अमेरिका ने हौथी प्रतिनिधियों से ओमान की राजधानी मस्कट में संपर्क किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत में समुद्री जहाजों की सुरक्षा और बाब अल-मंदब के रास्ते व्यापारिक आवाजाही से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।
यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने भी रेड सी में यूरोपीय नौसैनिक मिशन की सतर्कता बढ़ाए जाने की जानकारी दी है। यूरोपीय पक्ष ने समुद्री आवाजाही की सुरक्षा और संघर्ष को रोकने की जरूरत पर जोर दिया है।
आगे क्या होगा
रियाद और दूसरे सऊदी शहरों में सुरक्षा अलर्ट तथा यमन के लाल सागर तट पर बढ़ती सैन्य गतिविधियां बताती हैं कि तनाव अभी कम नहीं हुआ है। इसके साथ ही बाब अल-मंदब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ने से क्षेत्रीय संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति तक पहुंचने का जोखिम बना हुआ है।
यमन की लड़ाई का मानवीय पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सैन्य कार्रवाई बढ़ने के साथ विस्थापन और नागरिक सुरक्षा की चुनौती बढ़ती जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में सैन्य जवाबी कार्रवाई के साथ राजनयिक संपर्क और समुद्री सुरक्षा दोनों पर अंतरराष्ट्रीय निगाहें बनी रहेंगी।
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Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।