इंडोनेशिया के जावा सागर में यात्री जहाज डूबा, 140 लोग लापता
Asif Khan
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2026-09-13 15:27:28
इंडोनेशिया के जावा सागर में वर्गो ट्रांसपोर्ट 8 हादसे का शिकार हो गया। जहाज पर 243 लोग सवार थे। 102 लोग बचाए गए, एक की मौत हुई और 140 लोगों की तलाश जारी है।
📍 जावा सागर, इंडोनेशिया 🗓️ 13 September 2026 ✍️ Shah Times Digital
इंडोनेशिया के जावा सागर में रविवार को बड़ा समुद्री हादसा सामने आया। 243 लोगों को लेकर जा रहा यात्री जहाज वर्गो ट्रांसपोर्ट 8 खराब मौसम के बीच दुर्घटनाग्रस्त होकर डूब गया। हादसे के बाद बड़े स्तर पर खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया है। अब तक 102 लोगों को जीवित बचाया गया है, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है और 140 लोग अब भी लापता हैं।
सुराबाया से बंजारमसिन जा रहा था जहाज
वर्गो ट्रांसपोर्ट 8 ने 12 September 2026 को पूर्वी जावा के सुराबाया से दक्षिण कालीमंतन के बंजारमसिन के लिए यात्रा शुरू की थी। यह मार्ग इंडोनेशिया के प्रमुख समुद्री यातायात मार्गों में शामिल है।
यात्रा के दौरान जहाज जावा सागर में खराब मौसम की चपेट में आया। स्थानीय समय के अनुसार करीब रात दो बजे जहाज से संपर्क टूट गया। इसके बाद इंडोनेशिया की राष्ट्रीय खोज एवं बचाव व्यवस्था ने आपात अभियान शुरू किया।
शुरुआती सूचना में जहाज को लापता बताया गया था। बाद में अधिकारियों ने पुष्टि की कि जहाज डूब गया है।
102 लोग जीवित बचाए गए
बंजर्मासिन खोज एवं बचाव कार्यालय के प्रमुख आई पुतु सुदायाना के अनुसार, तीन नजदीकी व्यावसायिक जहाजों ने पानी में मौजूद लोगों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित निकाला।
बचाव अभियान के दौरान कुल 103 लोगों को निकाला गया। इनमें 102 लोग जीवित थे, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो चुकी थी।
बचाए गए लोगों को अलग-अलग बंदरगाहों तक पहुंचाया जा रहा है, जहां उनके लिए चिकित्सकीय और आपात सहायता की व्यवस्था की गई है।
तीन व्यावसायिक जहाजों ने संभाला मोर्चा
बचाव अभियान में आसपास मौजूद तीन व्यावसायिक जहाजों ने अहम भूमिका निभाई।
एक टैंकर ने 15 जीवित लोगों को बचाया और एक शव बरामद किया। दूसरे पोत ने 38 लोगों को सुरक्षित निकाला, जबकि जहाज का संचालन करने वाली कंपनी से जुड़े एक अन्य पोत ने 49 लोगों को पानी से बाहर निकाला।
बचाए गए लोगों के एक समूह को पूर्वी जावा के टुबान बंदरगाह और दूसरे समूह को दक्षिण कालीमंतन के त्रिसक्ति बंदरगाह ले जाया जा रहा है।
140 लोगों की तलाश जारी
हादसे के बाद सबसे बड़ी चिंता उन 140 लोगों को लेकर है, जिनका अब तक पता नहीं चल पाया है।
संयुक्त खोज एवं बचाव दल ने जहाज की आखिरी ज्ञात स्थिति के आसपास तलाशी अभियान तेज कर दिया है। बचाव बेड़े में खोज एवं बचाव पोत, इंडोनेशियाई नौसेना का पोत और नौवहन पोत शामिल हैं।
एक हेलीकॉप्टर को भी तलाश अभियान में लगाया गया है। समुद्र की स्थिति और मौसम अभियान के लिए चुनौती बने हुए हैं।
हादसे की वजह पर जांच बाकी
अधिकारियों ने बताया है कि जहाज ने खराब मौसम के दौरान संपर्क खोया था। हालांकि जहाज के डूबने की सटीक वजह और दुर्घटना से पहले की पूरी घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि मौसम की स्थिति, समुद्री लहरों और जहाज की परिचालन स्थिति में से किस कारक ने हादसे में कितनी भूमिका निभाई।
इसलिए दुर्घटना की अंतिम वजह के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।
इंडोनेशिया में समुद्री परिवहन का महत्व
इंडोनेशिया करीब 17 हजार द्वीपों वाला द्वीपसमूह देश है। देश के कई हिस्सों को जोड़ने में समुद्री परिवहन और फेरी सेवाओं की अहम भूमिका है।
दूरदराज इलाकों में समुद्री मार्ग हवाई यात्रा की तुलना में अधिक सुलभ और किफायती विकल्प बने हुए हैं। इसी वजह से यात्री जहाजों पर बड़ी संख्या में लोग निर्भर रहते हैं।
समुद्री परिवहन की इस निर्भरता के बीच जहाजों की सुरक्षा, मौसम की निगरानी, परिचालन मानकों और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था महत्वपूर्ण मुद्दे बने रहते हैं।
अब आगे क्या
फिलहाल प्राथमिकता 140 लापता लोगों की तलाश और जीवित बचे यात्रियों को सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
बचाव दल जहाज की आखिरी ज्ञात स्थिति के आसपास समुद्री क्षेत्र में तलाशी जारी रखे हुए हैं। मौसम और समुद्री परिस्थितियों के अनुसार अभियान का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
हादसे की परिस्थितियों की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जहाज के साथ दुर्घटना किस क्रम में हुई और सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर चूक हुई या नहीं।
फिलहाल आधिकारिक तौर पर सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि 243 लोगों में से 102 लोगों को बचाया जा चुका है, एक व्यक्ति की मौत हुई है और 140 लोगों की तलाश जारी है। बचाव अभियान के अगले अपडेट से लापता लोगों की स्थिति को लेकर और जानकारी मिलने की उम्मीद है
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।