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राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा के कथित ओजीडब्ल्यू नेटवर्क पर कार्रवाई, 3 गिरफ्तार; आईईडी बरामद

Mohammad Naved • 2026-09-15 12:14:08
राजौरी में लश्कर-ए-तैयबा के कथित ओजीडब्ल्यू नेटवर्क पर कार्रवाई, 3 गिरफ्तार; आईईडी बरामद

राजौरी में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा से कथित तौर पर जुड़े 3 ओजीडब्ल्यू संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में लॉजिस्टिकल मदद और सुरक्षित आवाजाही के आरोप सामने आए, जबकि एक आईईडी भी बरामद हुई।

📍 राजौरी, जम्मू-कश्मीर
🗓️ 15 सितंबर 2026
✍️ Mohd Naved

राजौरी में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद से जुड़े एक कथित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा से कथित संबंध रखने वाले 3 संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। जांच के दौरान एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी भी बरामद होने की बात सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई पीर पंजाल इलाके में सक्रिय एक आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान हुई। अधिकारियों की जांच में आरोपियों पर आतंकियों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट, सुरक्षित आवाजाही और जमीनी स्तर पर दूसरी तरह की मदद मुहैया कराने का आरोप है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक के तौर पर हुई है। जाकिर हुसैन और मोहम्मद आजम राजौरी के कोटचरवाल टेरियाथ इलाके के निवासी बताए गए हैं, जबकि मोहम्मद मुश्ताक उधान गांव का रहने वाला बताया गया है।

पुलिस के अनुसार तीनों संदिग्ध राजौरी जिले के ही रहने वाले हैं। फिलहाल उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

आतंकियों को रास्ता दिखाने का आरोप

जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों पर आतंकियों के लिए गाइड के तौर पर काम करने का भी शक है। पुलिस का दावा है कि वे आतंकवादी समूहों के सदस्यों को पीर पंजाल क्षेत्र से कश्मीर घाटी की ओर जाने में मदद करते थे।

जांच में यह पहलू भी देखा जा रहा है कि कथित मदद का संबंध नागरिकों को निशाना बनाने वाले हमलों समेत दूसरे आतंकी मामलों से तो नहीं रहा। इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

आईईडी बरामदगी से जांच का दायरा बढ़ा

पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर जांच के दौरान एक आईईडी बरामद की गई। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि यह उपकरण आतंकवादी समूह के सदस्यों ने कथित तौर पर सुरक्षित रखने या किसी लक्षित हमले में इस्तेमाल के लिए आरोपी के पास रखा था।

आईईडी की बरामदगी मामले को गंभीर सुरक्षा जांच के दायरे में ले जाती है। हालांकि, इसके इस्तेमाल की वास्तविक मंशा और कथित नेटवर्क में इसकी भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

पीर पंजाल पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर

राजौरी और आसपास का पीर पंजाल क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए संवेदनशील रहा है। ऐसे मामलों में ओवर ग्राउंड वर्कर नेटवर्क की भूमिका आतंकियों को स्थानीय स्तर पर मदद, संपर्क, आवाजाही और ठिकानों से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने के आरोपों के संदर्भ में जांची जाती है।

मौजूदा कार्रवाई में भी पुलिस का फोकस केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां कथित संपर्कों, नेटवर्क की संरचना और आतंकियों तक पहुंचने वाली स्थानीय मदद के स्रोतों की पड़ताल कर रही हैं।

जांच में आगे क्या

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का अहम पहलू गिरफ्तार संदिग्धों के कथित संपर्कों और उनकी भूमिका को स्थापित करना होगा। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि कथित नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और आरोपियों का किन आतंकियों या दूसरे मददगारों से संपर्क था।

आईईडी की बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह भी अहम होगा कि विस्फोटक उपकरण कहां से आया और इसे किस उद्देश्य से रखा गया था। इन सवालों के जवाब जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सामने आएंगे।

मामले में आरोप और तथ्य अलग रखना जरूरी

इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोग अभी पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। पुलिस द्वारा उन्हें आतंकियों का मददगार बताए जाने को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

मामले की वास्तविक स्थिति जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और अदालत में होने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगी। यही वजह है कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में आधिकारिक दावों और प्रमाणित तथ्यों के बीच फर्क बनाए रखना जरूरी है।

राजौरी में कार्रवाई का सुरक्षा महत्व

राजौरी में हुई यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क की पहचान के लिहाज से अहम है। अगर जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो इससे पीर पंजाल क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों के लिए कथित स्थानीय मदद के नेटवर्क को समझने में सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ तथा नेटवर्क से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच आगे बढ़ रही है। आईईडी की बरामदगी और कथित सुरक्षित आवाजाही से जुड़े आरोपों के आधार पर आने वाले दिनों में इस मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है।

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Mohammad Naved

Mohammad Naved

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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