शनिवार, 24 October 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
BREAKING
Advertisement Advertisement
India

पंजाब से नाम हटने के बाद दिल्ली की वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा की एंट्री, आप ने उठाए सवाल

Mohammad Naved • 2026-09-09 13:20:40
पंजाब से नाम हटने के बाद दिल्ली की वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा की एंट्री, आप ने उठाए सवाल

पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटने के बाद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली के राजेंद्र नगर की मतदाता सूची में शामिल हुआ। आप ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि निर्वाचन अधिकारियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़ने की बात कही।

📍 नई दिल्ली
🗓️ 09 सितंबर 2026
✍️ Mohd Naved

नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के मतदाता पंजीकरण को लेकर आम आदमी पार्टी और उनके बीच नया सियासी टकराव सामने आया है। पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बाद चड्ढा का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल हुआ है। इस पर आप ने चुनावी प्रक्रिया और समय को लेकर सवाल उठाए हैं। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि नाम जोड़ने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत हुई है।

मामला क्या है

दिल्ली में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान राघव चड्ढा का नाम राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली की सभी विधानसभा सीटों में मतदाता नाम जोड़ने के लिए मंजूर किए गए फॉर्मों में चड्ढा का आवेदन भी शामिल था।

यह घटनाक्रम इसलिए अहम हो गया क्योंकि इससे पहले पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची में चड्ढा का नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे नाम वाले मतदाताओं की सूची के तहत हटाया गया था। चड्ढा ने पंजाब में अपने नाम को हटाए जाने पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया था। संबंधित प्रक्रिया चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत चल रही है।

आप ने क्या सवाल उठाए

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की मतदाता सूची में चड्ढा का नाम शामिल होने के तरीके पर सवाल उठाया है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची में संबंधित राजेंद्र नगर बूथ पर 746 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद चड्ढा का नाम 747वें क्रमांक पर दिखाई दिया।

आप के नेताओं ने चुनाव आयोग से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि चड्ढा का नाम किस आवेदन और किस प्रक्रिया के आधार पर दिल्ली की सूची में शामिल हुआ। पार्टी ने इसे मतदाता सूची के पुनरीक्षण की पारदर्शिता से जुड़ा सवाल बताया है।

आप के मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी सवाल उठाया कि पंजाब में नाम हटने और दिल्ली में नाम शामिल होने की घटनाओं के बीच प्रक्रिया क्या रही। हालांकि, पार्टी के आरोपों को स्वतंत्र रूप से चुनावी अनियमितता का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

निर्वाचन कार्यालय का जवाब

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में बदलाव के लिए निर्धारित फॉर्म और कानूनी प्रक्रिया का इस्तेमाल होता है। नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6, किसी नाम पर आपत्ति या नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 और पते में बदलाव या अन्य संशोधन के लिए फॉर्म 8 का प्रावधान है।

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, इन आवेदनों पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी कानून और चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक फैसला लेते हैं। इसलिए केवल सूची में बाद में किसी नाम के दिखाई देने से अपने आप अनियमितता साबित नहीं होती। आवेदन, जांच और मंजूरी की पूरी प्रक्रिया देखना जरूरी है।

राघव चड्ढा का पक्ष

राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने चुनाव आयोग की निर्धारित गाइडलाइन और प्रक्रिया का पालन किया है और उपलब्ध कानूनी उपायों का इस्तेमाल किया। उन्होंने आप पर राजनीतिक कटाक्ष भी किया और पार्टी को अपनी पुरानी राजनीतिक साथी बताते हुए आरोप लगाया कि वह अब भी उनके पीछे पड़ी हुई है।

चड्ढा और आप के बीच विवाद की पृष्ठभूमि

राघव चड्ढा अप्रैल 2026 में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। इसके बाद उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाज़ी तेज हुई है। पंजाब की मतदाता सूची से नाम हटने के बाद चड्ढा ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ा था, जबकि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया।

पंजाब की सूची और दिल्ली की एंट्री का संबंध

पूरे विवाद को समझने के लिए पंजाब और दिल्ली की मतदाता सूचियों की प्रक्रिया को अलग-अलग देखना जरूरी है। किसी राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटना और दूसरे राज्य में नया पंजीकरण होना अलग प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं।

पंजाब में चड्ढा का नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए जाने के बाद उन्हें दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के तहत नाम बहाल कराने का अवसर मिला। दूसरी ओर, दिल्ली में नाम जोड़ने के लिए आवेदन और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी की प्रक्रिया लागू होती है।

विवाद का असली सवाल

इस मामले में सबसे अहम सवाल यह नहीं है कि राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की सूची में क्यों दिखाई दे रहा है। असली सवाल यह है कि उनके नाम को शामिल करने के लिए कौन सा आवेदन दाखिल हुआ, उसकी जांच किस स्तर पर हुई और उसे किस प्रक्रिया के तहत मंजूरी मिली।

निर्वाचन कार्यालय ने सामान्य प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है। अब विवाद का समाधान संबंधित आवेदन और उसके निस्तारण की जानकारी से ही होगा। केवल राजनीतिक आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष तक पहुंचना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा।

राज्यसभा सदस्यता पर क्या असर

मतदाता सूची से जुड़े विवाद को सीधे राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बराबर नहीं माना जा सकता। चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका मतदाता पंजीकरण कहां है, इस पर उठे सवालों का कानूनी प्रभाव अलग विषय है।

मतदाता सूची में नाम की स्थिति, राज्यसभा चुनाव की पात्रता और मौजूदा सांसद की सदस्यता से जुड़े संवैधानिक तथा कानूनी प्रावधानों को अलग-अलग समझना जरूरी है। इसलिए मौजूदा विवाद को सीधे सदस्यता रद्द होने का संकेत मानना सही नहीं होगा।

आगे क्या होगा

दिल्ली की मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। इस दौरान नए आवेदन, आपत्तियां और दावे निर्धारित नियमों के अनुसार निपटाए जाएंगे। पंजाब और दिल्ली, दोनों जगह मतदाता सूची से जुड़े अंतिम रिकॉर्ड सामने आने के बाद स्थिति ज्यादा स्पष्ट होगी।

फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी यह बताती है कि दिल्ली में मतदाता नाम जोड़ने के लिए निर्धारित प्रक्रिया मौजूद है और निर्वाचन कार्यालय ने उसी व्यवस्था का हवाला दिया है। आप की ओर से उठाए गए सवालों का अंतिम जवाब संबंधित आवेदन और निर्वाचन रिकॉर्ड से ही मिलेगा।


राघव चड्ढा की मतदाता सूची में एंट्री ने आप और भाजपा के बीच पहले से जारी सियासी टकराव को एक नया मुद्दा दे दिया है। आप प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, जबकि चड्ढा नियमों के पालन का दावा कर रहे हैं। निर्वाचन कार्यालय ने भी स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में बदलाव निर्धारित फॉर्म और कानूनी प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं।

अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य आवेदन की तारीख, उसकी जांच, मंजूरी और संबंधित निर्वाचन रिकॉर्ड होंगे। जब तक इन दस्तावेजों से कोई ठोस अनियमितता सामने नहीं आती, तब तक आरोपों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। यही मतदाता सूची की पारदर्शिता और सार्वजनिक भरोसे के लिहाज से उचित रुख है।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Mohammad Naved

Mohammad Naved

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम गायब, राजनीतिक बदले का आरोप

2026-09-03 11:13:53

दिल्ली SIR पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई, 33 लाख नोटिस पर उठे सवाल

2026-09-17 11:16:02

SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग के 9 बड़े फैसले, ECINet की होगी स्वतंत्र समीक्षा

2026-09-27 16:53:27

दिल्ली SIR में आडवाणी, जयशंकर और केजरीवाल समेत कई बड़े नामों को नोटिस, जानिए वजह

2026-09-21 15:08:37

राहुल पर शाह का ‘30 साल’ वाला तंज, यमुना की 43 परियोजनाओं की शुरुआत

2026-10-22 15:03:33

चुनाव आयोग पर राहुल गांधी का तीखा हमला, बोले- राजद्रोह कर रहे, वक्त आने पर पकड़ेंगे

2026-09-23 13:30:40

केजरीवाल का पीएम मोदी पर हमला, बोले- ‘जो सवाल पूछे, वह दिमागी नक्सली?’

2026-08-17 17:18:18

राघव चड्ढा मोदी से मिले, बोले- मार्गदर्शन से सीखने का अवसर

2026-08-08 14:47:59

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर