📍Saudi Arabia 🗓️ 20 September 2026✍️ Asif Khan
रियाद की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल रोकने का सऊदी दावा
यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव शनिवार को और बढ़ता दिखाई दिया। हूती सैन्य प्रवक्ता ने रियाद और लाल सागर तट के शहर यनबू में मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया, जबकि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया।
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी के मुताबिक, शनिवार १९ सितंबर की सुबह रियाद की दिशा में दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को सऊदी वायु रक्षा ने हवा में ही रोक दिया। गठबंधन ने यह भी कहा कि बिशा, ताइफ़, फ़रासान और यनबू में नागरिकों तथा नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिशों को भी नाकाम किया गया। यह सऊदी पक्ष का आधिकारिक दावा है।
रियाद एयरपोर्ट के पास धुएं का गुबार
इसी दौरान रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नज़दीक ईंधन भंडारण क्षेत्र के पास काले धुएं का गुबार दिखाई दिया। रॉयटर्स के मुताबिक, इस घटना के बाद रियाद में सुरक्षा चेतावनियां जारी की गईं और बाद में सऊदी नागरिक सुरक्षा ने खतरा टलने की सूचना दी। कुछ उड़ानों में देरी और रद्दीकरण की भी रिपोर्ट सामने आई।
हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में रियाद की ओर रोकी गई मिसाइल से किसी मौत या बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन घटनाओं से जुड़ी किसी अपुष्ट क्षति या हताहत संख्या को निश्चित तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
हूतियों ने यनबू में अरामको सुविधा को निशाना बनाने का दावा किया
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि संगठन ने रियाद में संवेदनशील ठिकानों और लाल सागर तट पर स्थित यनबू में सऊदी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों तथा ड्रोन का इस्तेमाल किया।
इस दावे में हमले के प्रभाव और नुकसान की विस्तृत स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। यनबू सऊदी अरब का महत्वपूर्ण तेल और औद्योगिक केंद्र है, इसलिए वहां किसी बड़े हमले की स्थिति क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। रॉयटर्स और अन्य रिपोर्टों में भी हूती दावे तथा सऊदी पक्ष के अलग-अलग दावों का उल्लेख है।
तुर्की ने सऊदी की सैन्य जरूरतों में मदद की बात कही
हमलों के बीच तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फ़िदान ने कहा कि सऊदी अरब की कुछ सैन्य जरूरतें हो सकती हैं और तुर्की हालिया त्रिपक्षीय रक्षा समझौते के तहत खासकर तकनीकी क्षेत्रों में मदद करने पर विचार कर सकता है।
फ़िदान ने कहा कि तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच बना मक्का संयुक्त रक्षा समझौता तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग का ढांचा तैयार करता है। उनके अनुसार इस समझौते को संस्थागत रूप देने के लिए सचिवालय और संबद्ध सैन्य मुख्यालय की स्थापना की दिशा में काम चल रहा है।
फ़िदान ने यह भी कहा कि सऊदी अरब को अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में शामिल नहीं किया जाना चाहिए और रियाद खुद भी इस टकराव में शामिल नहीं होना चाहता।
यमन में संघर्ष का मानवीय असर
सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ते तनाव का असर यमन के भीतर भी दिखाई दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद संबंधी रिकॉर्ड में हाल के हूती हमलों और सऊदी क्षेत्र में नागरिकों के घायल होने तथा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की घटनाओं का उल्लेख किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन संस्था आईओएम के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून में पश्चिमी यमन में संघर्ष बढ़ने के बाद १८ सितंबर तक लगभग १,२०,०७८ लोग विस्थापित हुए थे। यह आंकड़ा संघर्ष के कारण हुए आंतरिक विस्थापन से संबंधित है।
समुद्री रास्तों पर भी बढ़ी चिंता
यमन के पश्चिमी तट और लाल सागर क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने से बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य और लाल सागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। यह मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए रणनीतिक महत्व रखता है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी यमन के पश्चिमी तट पर हूतियों की गतिविधियों और समुद्री आवागमन पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का उल्लेख किया गया है।
आगे क्या?
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सऊदी अरब हूती हमलों के जवाब में क्या कदम उठाता है और मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत तुर्की तथा पाकिस्तान की भूमिका किस स्तर तक जाती है।
तुर्की ने फिलहाल विशेष रूप से सैन्य जरूरतों के तकनीकी सहयोग की संभावना जताई है। इसे सीधे तौर पर तुर्की सैनिकों की तैनाती की घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। क्षेत्र की स्थिति तेजी से बदल रही है और आगे के घटनाक्रम पर आधिकारिक बयानों तथा स्वतंत्र पुष्टि की निगरानी जरूरी होगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।