उत्तरी साइप्रस के तट के पास 267 लोगों को लेकर जा रही Filo Jet फेरी पलटकर डूब गई। हादसे में 8 लोगों की मौत हुई, जबकि 18 लोग अभी लापता हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
कायरिनिया, उत्तरी साइप्रस | 1 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
उत्तरी साइप्रस के कायरिनिया यानी गिरने तट के पास एक यात्री फेरी पलटकर समुद्र में डूब गई। हादसे में कम से कम 8 लोगों की मौत हुई है और 18 लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं। रेस्क्यू टीमें समुद्र में लगातार तलाश कर रही हैं।
फेरी में कुल 267 लोग सवार थे, जिनमें 259 यात्री और 8 चालक दल के सदस्य शामिल थे। अधिकारियों के मुताबिक 241 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
हादसे का शिकार हुई फेरी Filo Jet थी। यह कायरिनिया से तुर्की के तासुकु बंदरगाह के लिए रवाना हुई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक जहाज रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे कायरिनिया से रवाना हुआ और कुछ ही देर बाद उसमें पानी भरने लगा। इसके बाद फेरी पलट गई।
हादसा कायरिनिया तट से कुछ किलोमीटर दूर हुआ।
फेरी पलटने के बाद समुद्र में पूरी तरह डूब गई। अधिकारियों के अनुसार जहाज समुद्र की करीब 514 मीटर गहराई में पड़ा है।
इतनी गहराई ने बचाव अभियान को बेहद कठिन बना दिया है।
तुर्की ने गहरे समुद्र में काम करने वाला रिमोट ऑपरेटेड व्हीकल यानी ROV भेजा है, ताकि जहाज के मलबे और आसपास के समुद्री क्षेत्र की जांच की जा सके।
बचे हुए यात्रियों के मुताबिक फेरी ने अचानक असामान्य तरीके से हिलना शुरू किया और उसमें पानी आने लगा।
कुछ यात्रियों ने जहाज के अगले हिस्से पर जोरदार झटका लगने की बात कही। रिपोर्ट के अनुसार कुछ बचे लोगों ने बताया कि फेरी के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचने के बाद पानी तेजी से अंदर आने लगा।
हालांकि हादसे की वास्तविक वजह अभी जांच के दायरे में है। इसलिए किसी एक कारण को अंतिम कारण के तौर पर पेश करना जल्दबाजी होगी।
उत्तरी साइप्रस के राष्ट्रपति तुफान एरहुरमान ने 8 मौतों और 18 लोगों के लापता होने की पुष्टि की थी। उनके मुताबिक 241 लोगों को बचाया गया था।
बाद के कुछ अपडेट में लापता लोगों की संख्या 20 तक बताई गई। रॉयटर्स ने 1 सितंबर के अपडेट में 20 लोगों की तलाश का उल्लेख किया है।
इसलिए लापता लोगों की संख्या को विकासशील आंकड़ा समझना जरूरी है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही अंतिम संख्या स्पष्ट होगी।
हादसे के बाद तुर्की ने बचाव अभियान में अतिरिक्त संसाधन लगाए हैं।
राष्ट्रपति एरहुरमान के मुताबिक तुर्की ने विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, कोस्ट गार्ड नौकाएं और दूसरे समुद्री संसाधन अभियान में लगाए।
अब गहरे समुद्र में खोज के लिए विशेषज्ञ टीम और ROV की मदद ली जा रही है।
हादसे की जांच के तहत फेरी के कप्तान और चालक दल के सदस्यों को हिरासत में लिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को जहाज के संचालन से जुड़े 9 लोगों को हिरासत में रखने का न्यायिक आदेश दिया गया।
यह कार्रवाई हादसे की जिम्मेदारी तय करने के लिए चल रही जांच का हिस्सा है।
कुछ यात्रियों ने क्रू के बचाव प्रबंधन को लेकर आरोप लगाए हैं। लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए उन्हें स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।
हादसे के समय समुद्र की स्थिति को लेकर अलग-अलग बयान सामने आए हैं।
क्षेत्र में इससे पहले खराब मौसम और तेज समुद्री लहरों की खबरें थीं। कुछ यात्रियों और स्थानीय लोगों ने समुद्र की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बताया। दूसरी ओर स्थानीय
अधिकारियों ने शुरुआती स्तर पर मौसम को अकेला कारण मानने से बचने की बात कही।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि खराब मौसम, जहाज की तकनीकी स्थिति या किसी अन्य वजह ने हादसे में कितनी भूमिका निभाई।
हादसे के बाद उत्तरी साइप्रस के मंत्रिपरिषद ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की।
इस दौरान बचाव अभियान और लापता लोगों की तलाश को प्राथमिकता दी जा रही है।
Filo Jet एक नियमित समुद्री शटल सेवा का हिस्सा थी, जो उत्तरी साइप्रस को तुर्की से जोड़ती है।
हादसा तट से बहुत दूर नहीं हुआ, लेकिन जहाज का 500 मीटर से अधिक गहरे समुद्र में डूब जाना बचाव कार्य के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
सबसे अहम सवाल अब यह है कि लापता लोगों में कितने लोग जहाज के भीतर फंसे हैं और क्या गहरे समुद्र में खोज अभियान से उनके बारे में कोई सुराग मिल सकता है।
तुर्की की विशेषज्ञ डीप-सी टीम अब मलबे और समुद्र तल की जांच में मदद कर रही है।
जांच एजेंसियां जहाज के अंतिम सफर, पानी भरने की वजह, चालक दल की कार्रवाई और जहाज की सुरक्षा स्थिति की जांच करेंगी।
फिलहाल 8 मौतों की पुष्टि है और 18 लोगों की तलाश जारी है। लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है क्योंकि यह एक विकासशील बचाव अभियान है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।