मंगलवार, 01 September 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
World

कौन हैं रूना खान? नाव पर बना अस्पताल, चलता-फिरता स्कूल और लाखों लोगों की बदली जिंदगी

Harish Qureshi 2026-09-01 14:57:41
कौन हैं रूना खान? नाव पर बना अस्पताल, चलता-फिरता स्कूल और लाखों लोगों की बदली जिंदगी

 बांग्लादेश की रूना खान को 2026 रेमन मैग्सेसे पुरस्कार मिला। उनकी संस्था फ्रेंडशिप नावों के जरिए अस्पताल, मोबाइल क्लीनिक और शिक्षा सेवाएं दुर्गम नदी क्षेत्रों तक पहुंचाती है।


बांग्लादेश | 1 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris


कौन हैं रूना खान?


बांग्लादेश की सामाजिक उद्यमी रूना खान को 2026 के प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान देश के दूरदराज, नदी कटाव और जलवायु संकट से प्रभावित समुदायों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सेवाएं पहुंचाने के लिए दिया गया है।


रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड फाउंडेशन ने उन्हें ऐसे मानवीय नवाचार के लिए सम्मानित किया है, जिसने उन लोगों तक बुनियादी सेवाएं पहुंचाईं, जिन तक सामान्य विकास कार्यक्रमों की पहुंच बेहद कठिन थी।


नाव पर बना अस्पताल कैसे शुरू हुआ?


रूना खान की कहानी की खासियत यही है कि उन्होंने दुर्गम इलाकों की समस्या का समाधान जमीन पर नहीं, पानी के रास्ते तलाशा।


2002 में उन्होंने फ्रेंडशिप नाम की संस्था शुरू की। इससे पहले वह ग्रामीण और गरीब बच्चों के साथ शिक्षण कार्य कर चुकी थीं। बांग्लादेश के नदी क्षेत्रों में काम के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि चार यानी नदी में बनने वाले अस्थायी द्वीपों पर रहने वाले परिवारों तक स्थायी अस्पताल पहुंचाना मुश्किल है।


इसके बाद अस्पताल की सुविधा को नाव पर ले जाने का मॉडल विकसित हुआ।


तैरते अस्पतालों से इलाज


फ्रेंडशिप आज तैरते अस्पतालों और जमीन पर मौजूद स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए दुर्गम समुदायों को चिकित्सा सुविधा देती है।


फ्रेंडशिप के अनुसार उसकी स्वास्थ्य व्यवस्था में दो तैरते अस्पताल ब्रह्मपुत्र नदी के चार क्षेत्रों में काम करते हैं। इसके अलावा श्यामनगर में एक भूमि आधारित अस्पताल है।


इन अस्पतालों में आंखों, दांतों, महिलाओं और बच्चों से जुड़ी चिकित्सा सेवाओं के साथ सर्जरी और दवाओं की सुविधा भी दी जाती है। कई सेवाएं मुफ्त या कम लागत पर उपलब्ध कराई जाती हैं।


अस्पताल के बाद स्कूल और मोबाइल क्लीनिक


रूना खान का मॉडल केवल स्वास्थ्य सेवा तक सीमित नहीं रहा।


फ्रेंडशिप ने मोबाइल और सैटेलाइट क्लीनिक शुरू किए, जो अलग-अलग दुर्गम समुदायों तक पहुंचते हैं। स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षित कर सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी तैयार किए गए हैं।


शिक्षा के क्षेत्र में संस्था ने ऐसे स्कूल विकसित किए हैं जिन्हें बाढ़ और नदी कटाव की स्थिति में स्थानांतरित किया जा सकता है। इसका उद्देश्य उन बच्चों की पढ़ाई जारी रखना है जिनके गांव बाढ़ के कारण बार-बार प्रभावित होते हैं।


यही वजह है कि रूना खान के काम को केवल राहत अभियान के बजाय दीर्घकालिक सामुदायिक विकास मॉडल के रूप में देखा जाता है।


बांग्लादेश में नदी के साथ बदलती जिंदगी


बांग्लादेश के कई नदी क्षेत्रों में भूगोल खुद एक चुनौती है। बाढ़ और नदी कटाव के कारण जमीन का स्वरूप बदलता रहता है। कई परिवारों को बार-बार अपना घर और आजीविका का आधार बदलना पड़ता है।


यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक की एक प्रोफाइल के मुताबिक, रूना खान ने ऐसे परिवारों के साथ काम करते हुए महसूस किया कि स्थायी सड़क, अस्पताल और दूसरी बुनियादी सुविधाएं हर जगह बनाना आसान नहीं है। इसलिए फ्रेंडशिप ने स्थानीय जरूरतों के मुताबिक मोबाइल सेवाओं पर जोर दिया।


फ्रेंडशिप कितने लोगों तक पहुंचती है?


रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड फाउंडेशन के मुताबिक, फ्रेंडशिप में अब 7,500 से ज्यादा लोग काम करते हैं और संस्था के काम से लाखों लोगों को फायदा पहुंचा है।


अरब न्यूज़ के अनुसार, फ्रेंडशिप हर साल करीब 75 लाख लोगों तक अपनी विभिन्न सेवाएं पहुंचाने का अनुमान देती है। संस्था के पास सात अस्पताल पोत, दो भूमि आधारित अस्पताल और सैकड़ों मोबाइल क्लीनिक हैं।


यहां एक जरूरी अंतर समझना चाहिए। 75 लाख का आंकड़ा संस्था द्वारा सालाना सेवा पहुंच का अनुमान है। इसे स्थायी रूप से लाभ पाने वाले अलग-अलग व्यक्तियों की संख्या नहीं माना जाना चाहिए।


जलवायु संकट से लड़ने का मॉडल


रूना खान के काम में जलवायु परिवर्तन भी एक अहम पहलू बन गया है।


बाढ़, नदी कटाव, चक्रवात और समुद्री जल के बढ़ते प्रभाव से बांग्लादेश के तटीय और नदी क्षेत्रों में रहने वाले समुदाय लगातार जोखिम में रहते हैं।


फ्रेंडशिप ने स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ जलवायु अनुकूलन पर भी काम किया है। इसमें बाढ़-अनुकूल ढांचा, सौर ऊर्जा से चलने वाले स्थानांतरित स्कूल, तटीय क्षेत्रों में पानी की व्यवस्था और मैंग्रोव संरक्षण जैसी पहल शामिल हैं।


महिलाओं और आजीविका पर भी फोकस


फ्रेंडशिप का काम केवल अस्पताल और स्कूल तक सीमित नहीं है।


रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड फाउंडेशन के मुताबिक, संस्था महिलाओं को सशक्त बनाने, आजीविका के अवसर पैदा करने, कानूनी जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक समावेशन पर भी काम करती है।


इस मॉडल का उद्देश्य लोगों को लंबे समय तक राहत पर निर्भर रखने के बजाय स्थानीय स्तर पर उनकी क्षमता और निर्णय लेने की ताकत बढ़ाना है।


रूना खान को मैग्सेसे पुरस्कार क्यों मिला?


रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड फाउंडेशन ने रूना खान को “मानवीय नवाचार” और बांग्लादेश के सबसे वंचित समुदायों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया है। फाउंडेशन ने उनके नेतृत्व, साहस और लंबे समय तक काम जारी रखने की क्षमता को विशेष रूप से रेखांकित किया।


फाउंडेशन के मुताबिक, उन्होंने अपनी सामाजिक और आर्थिक सुविधाओं को व्यक्तिगत विशेषाधिकार के रूप में रखने के बजाय वंचित लोगों की सेवा के लिए इस्तेमाल किया।


एशिया के प्रतिष्ठित पुरस्कारों में शामिल


रेमन मैग्सेसे पुरस्कार की शुरुआत 1958 में हुई थी। इसे एशिया के प्रमुख सम्मानों में गिना जाता है और यह सार्वजनिक सेवा तथा समाज के लिए असाधारण योगदान को मान्यता देता है।


2026 में रूना खान के साथ सिंगापुर के राजनयिक और कानूनविद टॉमी कोह तथा म्यांमार के मानवाधिकार कार्यकर्ता बो क्यी को भी सम्मानित किया गया है।

पुरस्कार समारोह 15 नवंबर 2026 को मनीला के मेट्रोपॉलिटन थिएटर में आयोजित किया जाएगा।


रूना खान की कहानी क्यों महत्वपूर्ण है?


रूना खान का मॉडल एक बुनियादी सवाल का जवाब देता है। जब किसी समुदाय तक सड़क, अस्पताल और स्कूल पहुंचाना मुश्किल हो, तो सेवा को उसी जगह क्यों न ले जाया जाए जहां लोग रहते हैं?


बांग्लादेश के नदी द्वीपों में नाव अस्पताल, मोबाइल क्लीनिक और स्थानांतरित स्कूल इसी सोच पर काम करते हैं।


रेमन मैग्सेसे पुरस्कार के जरिए अब इस मॉडल को एशिया के व्यापक सामाजिक विकास विमर्श में भी पहचान मिली है। 

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

अमेरिकी सेना में बड़ा उलटफेर, डैन ड्रिस्कॉल का इस्तीफा, हेगसेथ से महीनों से था तनाव

2026-09-01 16:26:57

साइप्रस के पास समंदर में पलटी फेरी, 8 की मौत और 18 लापता, 500 मीटर गहराई में डूबा जहाज

2026-09-01 16:03:53

इंडोनेशिया की आग से बोर्नियो में धुंध का कहर, हवा इतनी जहरीली कि बढ़ी सांस की बीमारी

2026-09-01 14:49:24

अरब स्प्रिंग के 16 साल बाद ट्यूनीशिया में महंगाई का ऐसा दौर क्यों?

2026-09-01 14:42:17

30 साल बाद टुपैक केस में बड़ा फैसला, आखिर किसे मिली सजा की राह?

2026-09-01 13:23:09

नेपाल में तबाही के बीच सुरंगों में फंसे सैकड़ों मजदूर, मौतों का आंकड़ा 1,000 पार

2026-09-01 13:06:54

एससीओ में मोदी का कड़ा संदेश, आतंकवाद पर दोहरे मानदंड मंजूर नहीं

2026-09-01 12:43:10

अल-अक्सा में बेन-ग्वीर ने ऐसा क्या किया कि बढ़ गया तनाव?

2026-09-01 12:40:54

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर